शराबबन्दी कानून पर बीजेपी जिलाध्यक्ष माधुरी कुंवर ने उठाया सवाल, कहा , शराबबन्दी कानून की सफलता पर हो समीक्षा, नबालिको को पेशेवर शराब माफिया बना रहे है अपराधी.
जनमित्र/बक्सर: जिले में शराब कारोबारियो का हौसला काफी बुलंद है. बक्सर पुलिस के द्वारा उत्तर प्रदेश से लगने वाले तमाम बॉर्डर इलाकों में सघन जांच अभियान चलाये जाने के बाद भी शराब तस्कर नए-नए फार्मूलो का इजाद कर शराब का कारोबार करने में जुटे है. यही कारण है कि शराबबन्दी की सफलता पर अब एनडीए के कई नेताओ ने सवाल उठना शुरू कर दिया है.
क्या कहती है बीजेपी जिलाध्यक्ष

जिले के अलग अलग थाना क्षेत्र से प्रतिदिन मिल रहे शराब को लेकर, बीजेपी जिला अध्यक्ष माधुरी कुंवर ने कहा कि, जिस मकसद से साल 2016 में शराबबंदी का कानून लाया गया था, वह मकसद पूरा नहीं हुआ और अब यह कानून नए पीढ़ी के लिए घातक बनते जा रहा है. पेशेवर शराब तस्कर इस नशे के कारोबार में नबालिको का इस्तेमाल कर उनके हाँथ में हथियार पकड़वा रहे है. युवा पीढ़ी के बच्चे बर्बाद हो रहे है.
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जदयू का पलटवार

बीजेपी जिलाध्यक्ष के इस बयान के बाद जिले का सियासी तापमान सातवे आसमान पर है. जदयू के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने पलटवार करते हुए कहा कि, इस तरह के बयान देने वाले नेता यह भूल गए है कि, विधानमण्डल के दोनों सदन से जब यह कानून सर्वसम्मति से पास हुआ था, तो उनके पार्टी के नेताओ ने भी हाँथ उठाकर इस कानून का स्वागत किया था और मानव श्रृंखला में हाथ पकड़कर खड़े थे. इसके बावजूद भी इस तरह के बयान देकर लोग सुर्ख़ियो में बने रहना चाहते है. शराबबन्दी कानून लागू होने के बाद महिलाओं के जीवन मे खुशहाली आई है. महिला हिंसा एवं सड़क दुर्घटनाओं में भारी गिरावट आया. ऐसे बयान देने वाले लोग अपने मन के भटकाव को नियंत्रित करे शराब अच्छी चीज नही है.
1 अप्रैल 2016 से प्रदेश में लागू है पूर्ण शराबबन्दी का कानून
1 अप्रैल 2016 से बिहार में पूर्ण शराबबंदी का कानून लागू है. पुलिस तमाम बॉर्डर इलाको से लेकर रेलवे स्टेशन एवं गंगा नदी में नियमित रूप से पेट्रोलिंग कर शराब माफियाओ पर नकेल कसने में लगी हुई है. वही शराब तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए नए-नए फार्मूला इजाद कर जिले में शराब की सप्लाई करने में लगे हुए. जिसपर अब एनडीए के सहयोगी जीतन राम मांझी एवं बीजेपी के नेता ही सवाल उठाने लगे है.





