द जनमित्र | शशि
महदह गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें कुएं के अंदर बने बोरिंग चैंबर में जहरीली गैस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से प्रभावित हो गए। मृतक की पहचान जयप्रकाश कुशवाहा (54) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के मुखिया थे।

जिला पार्षद प्रतिनिधि रिंकू यादव ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि काफी दिनों से सिंचाई मोटर खराब होने के कारण खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही थी। मोटर निकालने के लिए जयप्रकाश कुशवाहा कुएं में सीढ़ी लगाकर उतरे थे, लेकिन वहां जमा जहरीली गैस की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में अजय कुशवाहा (35) और जसवंत कुशवाहा (40) भी कुएं में उतरे, जिससे वे भी प्रभावित हो गए।
रिंकू यादव ने आगे कहा, “ग्रामीणों की तत्परता से अजय और जसवंत को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। लेकिन जयप्रकाश कुशवाहा को बचाया नहीं जा सका।” घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी चंदन कुमार ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
जहरीली गैसों का खतरा: डॉक्टर की चेतावनी
डॉक्टर चंद्रमणि विमल कुमार ने इस तरह की घटनाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि गहरे कुओं या बंद चैंबरों में लंबे समय तक हवा का प्रवाह न होने से कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, मीथेन या हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं। “ये गैसें रंगहीन और गंधहीन होती हैं, इसलिए व्यक्ति को पता नहीं चलता। सांस लेने में परेशानी शुरू हो जाती है और कुछ ही मिनटों में बेहोशी आ सकती है, जो मौत का कारण बन सकती है।”
ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए विशेषज्ञों की सलाह है कि कुओं में उतरने से पहले पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित किया जाए और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किया जाए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि सिंचाई या मरम्मत कार्यों में सावधानी बरतें।

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