द जनमित्र | शशि
जिले के बोक्सा पंचायत में जन सुराज विस्तार कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें 550 से ज्यादा लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मकसद था जन सुराज के विचारों और इसके पाँच संकल्पों को जनता तक पहुँचाना, साथ ही गाँव के स्तर पर संगठन को और मजबूत करना।
कार्यक्रम में कई बड़े चेहरों ने अपनी बात रखी। मुख्य वक्ता तथागत हर्ष वर्धन ने बिहार में बदलाव की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि बिहार को नई दिशा देने के लिए मजबूत नीतियों और दृढ़ संकल्प की जरूरत है। उन्होंने जन सुराज को सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि बिहार के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव करार दिया।


पूर्व मुखिया अरुण कुशवाहा ने गाँवों में जन सुराज को फैलाने की बात कही। उनका मानना था कि यह आंदोलन गाँव, गरीब और वंचितों की आवाज को ताकत देगा। उन्होंने कहा कि जब तक गाँव तरक्की नहीं करेंगे, बिहार आगे नहीं बढ़ सकता।
जिला महिला अध्यक्ष अंशु श्रीवास्तव ने महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार की महिलाएँ जब एकजुट होंगी, तभी असली बदलाव आएगा। उनका कहना था कि महिला सशक्तिकरण के बिना किसी भी राज्य का विकास मुमकिन नहीं। इसके अलावा, प्रदेश कर समिति सदस्य बजरंगी मिश्रा और राज्य कार्य समिति सदस्य धनजी पांडेय ने भी अपने विचारों से जन सुराज के महत्व को उजागर किया। इस मौके पर 175 नए लोगों ने जन सुराज की सदस्यता ग्रहण की, वहाँ मौजूद भीड़ में जबरदस्त उत्साह और भरोसा दिखा। लोगों को जन सुराज के पाँच संकल्पों के बारे में बताया गया और गाँव स्तर पर संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
इस आयोजन के बाद जन सुराज को और तेज करने की योजना बनाई गई। आयोजकों, अरुण कुशवाहा (पूर्व मुखिया) और करुणानिधि दुबे (बक्सर संगठन सचिव) ने कहा कि आगे और पंचायतों में ऐसे कार्यक्रम होंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस आंदोलन का हिस्सा बनें। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने बिहार में बदलाव की जरूरत पर बल दिया और कहा कि जन सुराज सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का एक बड़ा जरिया है।

Comment here