द जनमित्र डेस्क
बक्सर में सावन के पहले सोमवार से पहले प्रशासन और दुकानदारों के बीच तकरार ने माहौल गर्मा दिया। नगर परिषद की अतिक्रमण हटाओ मुहिम ने दुकानदारों का गुस्सा भड़का दिया, जिसके चलते उन्होंने रामरेखा घाट जाने वाले मुख्य मार्ग को जाम कर हंगामा खड़ा कर दिया। रामरेखा घाट, बक्सर का पवित्र तीर्थस्थल, सावन में श्रद्धालुओं का मेला बन जाता है। यहां से गंगा जल लेकर भक्त बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ, गुप्ताधाम और स्थानीय शिवालयों की ओर कांवर यात्रा पर निकलते हैं।





श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने घाट तक का रास्ता खाली कराने का फैसला लिया। शनिवार शाम जेसीबी की खड़खड़ाहट के बीच सड़क किनारे की दुकानें, ठेले और शेड ध्वस्त कर दिए गए। दुकानदारों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के यह कार्रवाई उनके लिए सदमे जैसी थी। दुकानदार अजय कुमार ने गुस्से में कहा, “अतिक्रमण के नाम पर छोटे व्यापारियों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? हमारा रोजगार चौपट हो गया।”
दूसरी ओर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है। सार्वजनिक मार्ग पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का तर्क है कि यह कदम सावन के धार्मिक आयोजनों को सुगम बनाने के लिए उठाया गया।
इस टकराव से प्रशासन और दुकानदारों के बीच तनाव को उजागर हुआ है, साथ ही धार्मिक उत्साह और रोजमर्रा की आजीविका के बीच संतुलन की चुनौती भी सामने आई है। सवाल यह है कि क्या इस विवाद का कोई बीच का रास्ता निकलेगा, ताकि न भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचे, न ही दुकानदारों का रोजगार प्रभावित हो?


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