द जनमित्र न्यूज डेस्क
बक्सर के बड़की नैनीजोर गांव में शुक्रवार की रात एक दिल दहलाने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। वार्ड नंबर 9 में, जहां गर्मी की तपिश से बचने के लिए 65 वर्षीय चतुर यादव अपनी दो साल की पोती चांदनी कुमारी के साथ दरवाजे पर सो रहे थे, वहां अज्ञात बदमाशों ने अंधेरे का फायदा उठाकर गोलीबारी कर दी। रात करीब एक बजे गोलियों की तड़तड़ाहट ने गांव की खामोशी को चीर दिया।




चतुर यादव की पीठ में गोली लगी, जो उनके शरीर को भेदती हुई निकल गई। मासूम चांदनी भी इस हमले से नहीं बच सकी—उसके कंधे के नीचे गोली लगी, जो आर-पार हो गई। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े आए। घायलों को फौरन आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

चतुर यादव ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी, और अंधेरे में हमलावरों का चेहरा देख पाना मुश्किल था। नैनीजोर थानाध्यक्ष फिरोज आलम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात अपराधियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की बात कही। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है। इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, और पुलिस हर कोण से जांच कर रही है। थानाध्यक्ष ने भरोसा जताया कि जल्द ही हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा।
यह घटना न सिर्फ गांव वालों के लिए, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक चेतावनी है। आखिर कौन लोग हैं जो एक बुजुर्ग और मासूम बच्ची पर इस तरह वार कर सकते हैं? सवाल अनगिनत हैं, और जवाब की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।


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