द जनमित्र न्यूज डेस्क
जिले के सिमरी थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया, जो न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी दक्षता का भी शानदार नमूना है। एक चालाक युवक ने सोचा कि वह ई-रिक्शा में हथियार छिपाकर चालक को फंसा देगा, लेकिन उसकी चाल उसी पर उलटी पड़ गई। पुलिस की पैनी नजर और गहन जांच ने साजिशकर्ता को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।





बात 17 जून की है, जब डायल 112 पर खबर आई कि सहियार बाजार से एकवना जाने वाली सड़क पर काली माता मंदिर के पास एक ई-रिक्शा (पंजीयन नंबर BR 44 ER 2486) में अवैध हथियार छिपा है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर डुमरांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आफाक अख्तर अंसारी ने सिमरी थानाध्यक्ष कमलनयन पांडेय, सशस्त्र बल और डायल 112 की टीम के साथ तुरंत कार्रवाई शुरू की। मौके पर पहुंचकर ई-रिक्शा की तलाशी ली गई, जिसमें एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस मिला। चालक सुनील पासवान को हिरासत में लिया गया, लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स की बारीकी से छानबीन की।
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ आफाक अख्तर ने खुलासा किया कि यह सब एक साजिश थी। सुनील पासवान से जमीन के पुराने विवाद के चलते अभिमन्यु राय उर्फ गोलु राय ने अपने दोस्त पवन राय के साथ मिलकर यह खेल रचा। उसने हथियार ई-रिक्शा में रखवाया और खुद पुलिस को सूचना दी, ताकि सुनील फंस जाए। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने सारी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। अभिमन्यु अब गिरफ्तार है, और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश में छापेमारी जारी है। एसडीपीओ ने दो टूक कहा, “पुलिस किसी निर्दोष को फंसाने की साजिश को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होगी।


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