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गर्मी ने बक्सर में अब तक के सारे रिकॉर्ड किये ध्वस्त

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बक्सर में पारा हुआ 45 के पार, सड़के हुई बिरान तो श्मशान में बढ़ी शवो की संख्या, राहत पाने के लिए बेहाल दिखे इंसान से लेकर पशु-पक्षी.

द जनमित्र | डेस्क

बक्सर: बिहार की राजधानी पटना से लेकर बक्सर समेत अन्य जिलों में पड़ रहे प्रचंड गर्मी ने इंसान समेत पशु-पक्षियो का जीना दुर्भर कर दिया है. बक्सर के तापमान ने अब तक के सारे रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है. सूर्योदय होने के साथ ही शरीर को झुलसा देने वाली धूप और पछुआ हवा की थपेड़ो ने इंसान से लेकर पशु-पक्षियों तक को बेहाल कर दिया है. इस भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए हर कोई परेशान दिखाई दे रहा है. सुबह के 8 बजने के साथ ही सड़के बिरान हो जा रही है वही शहरों में सन्नाटा पसरा हुआ है. आसमान से बरस रही आग ने लोगो को घरों के अंदर चार दिवारी में कैद रहने के लिए मजबूर कर दिया है. राहत पाने के लिए सतु एवं ईख समेत अन्य पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगो की भीड़ को देखकर दुकानदारो ने भी कीमत दुगनी कर दी है.

कूलर एसी की बिक्री में सत प्रतिशत का इजाफा

नगर थाना क्षेत्र के महावीर स्थान रोड मे स्थित एसी एवं कूलर की दुकान चलाकर जीवन यापन करने वाला चंदन ने बताया कि इसबार की गर्मी ने लोगो को बेहाल कर दिया है. बाजार में कूलर की भारी कमी हो गई है. पिछले साल की जो समाग्री बची हुई थी. वह भी इस बार खत्म हो गई, इस तरह की गर्मी पड़ेगी इसका अंदाजा नही था. 5 हजार की कूलर को 8 हजार तक देने के लिए लोग तैयार है. लेकिन माल ही नही मिल रहा है. सामने बरसात का महीना है कहीं पूंजी न फंस जाए इस बात का भी डर सता रहा है.

सुख गए है आहर पोखर और तालाब 

सूर्य की प्रचंड किरणे इस बार अधिकांश नहर, आहर, पोखर और तालाब को सुखा दिया है. जिसके कारण पशु-पक्षियो को भी काफी परेशानी हो रही है. पानी की तलाश में ग्रामीण इलाकों की तरफ भटक रहे हिरण से लेकर नीलगाय एवं अन्य जानवरों को आवारा कुत्ते अपना शिकार बनाते दिखाई दे रहे है. कई ग्रामीण इलाके के किसानों ने अपने नलकूप से सड़क के किनारे एवं खेतो की गढो में पानी भरते दिखे जिससे आवारा पशु अपना प्यास बुझा सके. वही गंगा एवं अन्य नदियों में छोटे- छोटे बच्चे भी गर्मी से राहत पाने के लिए जल के अंदर मस्ती करते दिखे.

शवो की संख्या में हुआ इजाफा

चरित्रवन स्थित श्मशान घाट पर काम कर रहे कर्मीयो ने बताया कि सामान्य दिनों में 20-25 शव ही अंतिम संस्कार के लिए आता है. लेकिन 30 और 31 मई को इसकी संख्या 85 पहुँच गई थी अभी भी श्मशान में शवो की संख्या में काफी इजाफा दिखाई दे रहा है. 90 साल पुराने बुजुर्ग गंगा सागर मिश्रा की माने तो 1966 के सुखाड़ में भी इस तरह की हालात नही था. गर्मी ने बक्सर में अब तक के सारे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.

गौरतलब है कि बक्सर जिले में आसमान से बरसती आग ने पूरे जन जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. आलम यह है कि सूर्य की पहली किरण निकलने के साथ ही लोग खुद को चार दिवारी के अंदर कैद कर ले रहे है.

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