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सीबीएसई 12वीं और 10वीं के परीक्षा में विद्यार्थियों ने लहराया परचम

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सीबीएसई की परीक्षा में लीसा श्रीवास्तव बनी कॉमर्स की डिस्टिक टॉपर.
विद्यालय की पढ़ाई तथा सेल्फ स्टडी को बताया मूल मंत्र.
सीए बनने का है लक्ष्य, गुरुजनों और माता-पिता ने दी शुभकामना.

द जनमित्र | सरिता कुमारी

बक्सर: सीबीएसई 12वीं का परीक्षा परिणाम आ गया है, जिसको लेकर बक्सर में छात्रों तथा उनके अभिभावकों के बीच उत्साह का माहौल बना हुआ है. बक्सर के पाण्डेय पट्टी निवासी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की पुत्री लीसा श्रीवास्तव ने इस बार सीबीएसई वाणिज्य संकाय की परीक्षा में जिले में टॉप किया है, उसे 95.8 फीसद अंक प्राप्त हुए हैं. नगर के फाउंडेशन स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा की सफलता पर उसके माता-पिता के साथ-साथ शिक्षक भी काफी प्रसन्न हैं. सभी ने उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं. लीसा ने बताया है कि वह अपने इस सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों तथा माता-पिता को देंगी उन्होंने कहा कि वह विद्यालय के अतिरिक्त अन्य कहीं से कोई कोचिंग आदि नहीं करती. अब वह सीए बनना चाहती है.


परीक्षा परिणाम देख छात्र छत्राओ के खिले चेहरे.

वही इटाढ़ी निवासी सरकारी विद्यालय के शिक्षक अरविंद कुमार पाठक की पुत्री संस्कृति ने बताया कि उन्हें 91 फीसद अंक प्राप्त हुए हैं. संस्कृति के मुताबिक वह प्रतिदिन 3 से 4 घंटे पढ़ाई करती थी. वह बिजनेस में जाना चाहती है. दो अन्य छात्राओं जिन्हें क्रमशः 91 फीसद और 87 फीसद अंक मिले थे, उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सहयोग से कमजोर बच्चा भी बेहतर परिणाम ला सकता है. आज रिजल्ट देखने के बाद यह स्पष्ट हो गया है.


सीबीएसई 12 वीं के विज्ञान संकाय में भी विद्यार्थियों का बेहतरीन प्रदर्शन.

सीबीएसई बारहवीं के विज्ञान संकाय के छात्रों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है. छात्र इस सफलता के बाद अब भविष्य को संवारने तथा कैरियर को लेकर संकल्पित हो रहे हैं. फाउंडेशन स्कूल के छात्र भावेश कुमार चौबे 93.3 फीसद अंक प्राप्त किए हैं, जबकि रोहित कुमार और तान्या सिंह को 92.40 अंक प्राप्त हुए. इसके अतिरिक्त अन्य विद्यार्थियों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है. इसी विद्यालय में पढ़ रहे नदांव गांव निवासी किसान राजेन्द्र कुमार यादव के पुत्र रोहित कुमार ने बताया कि उन्होंने विज्ञान संकाय में गणित विषय को चुना था. इसमें उन्हें 93 फीसद अंक प्राप्त हुए हैं. अपनी सफलता का श्रेय वह गुरुजनों के मार्गदर्शन तथा माता-पिता के आशीर्वाद को देते हैं. उनका सपना है कि वह सिविल सर्विसेज में जाए. सिविल लाइन निवासी सैनिक रूपेश सिंह की पुत्री तान्या सिंह जिन्हें 92.40 फीसद अंक प्राप्त हुए हैं, उन्होंने भी गुरुजनों तथा माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय दिया है. उनका भी यह सपना है कि वह सिविल सर्विस की तैयारी करें. उधर विद्यार्थियों की सफलता पर प्राचार्य विकास ओझा ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.

सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में जिले के छात्रों ने लहराया परचम. अनुष्का और आर्यन ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर बने टॉपर.

सीबीएसई बोर्ड ने शुक्रवार को 12वीं के साथ-साथ 10वीं का भी रिजल्ट जारी किया हैं. जिले के बच्चों ने जहाँ 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया वही दसवीं की परीक्षा में भी मेधावियों ने अपनी प्रतिभा का डंका बजा कर जिले का नाम रौशन किया है. इस कड़ी में सदर प्रखंड क्षेत्र के अर्जुनपुर में संचालित हेरिटेज स्कूल के विद्यार्थियों ने एक बार पुनः सीबीएसई की बोर्ड की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. विगत 4 वर्षों से 10 वीं वर्ग में इस विद्यालय के छात्र-छात्राएं अव्वल अंकों से उत्तीर्ण कर रहे हैं.


विद्यार्थियों की सफलता पर शिक्षकों में खुशी.

10वीं के बोर्ड परिणाम पर हर्ष व्यक्त करते हुए विद्यालय के चेयरमैन डॉ. प्रदीप पाठक ने कहा कि विद्यालय परिवार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर दृढ संकल्पित है. उन्होंने बताया कि दसवीं में इस बार अनुष्का कुमारी और आर्यन कुमार सिन्हा ने 94.2% अंक लाकर संयुक्त रूप से टॉप कर विद्यालय का ही नहीं अपितु पूरे जिले का नाम रौशन किया है. वही विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल पुष्पेन्द्र मिश्रा ने बताया कि इस बार कुल 180 विद्यार्थियों ने दशवीं की परीक्षा दी थी, जिनमे से 12 वैसे छात्र-छात्राएं है जो 90% से अधिक मार्क्स लाये है, जबकि 35 बच्चे 80 % से ऊपर अंक प्राप्त किये है. उन्होंने बताया कि इंद्रमणि पांडेय 93.4%, हरिओम पाठक 93%, प्रशांत कुमार 92.2%, अनुष्का कुमारी 92.2%, ओमजी ओझा 92%, कृष्णा कुमार 91.2%, खुशबू कुमारी 91.2%, रौनक कुमार सिंह 91%, रिमझिम कुमारी 90.8%, अनुष्का कुमारी 90% प्राप्त किये है.


आईएएस अधिकारी और इंजीनियर बनना चाहते है टॉपर्स.

वही 94.2 फीसद अंक लाकर टॉपर बनी अनुष्का कुमारी ने बताया कि उनके पिता जयप्रकाश नारायण सिंह एक शिक्षक है और सफलता मिलने के बाद परिवार में काफी खुशी का माहौल बना हुआ है. अनुष्का ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों के द्वारा बहुत ही अच्छे तरीके से सभी विषयों को पढ़ाया गया था जबकि घर पर प्रतिदिन 4 घण्टे तक सेल्फ स्टडी करती थी. अनुष्का ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया हैं, साथ ही कहा कि आगे मेहनत कर के वह एक आईएएस अधिकारी बनना चाहती है. इसके अलावा टॉपर आर्यन कुमार सिन्हा ने बताया कि उनके पिता अजय कुमार सिन्हा स्पोर्ट्स का बिजनेस करते हुए पढ़ाई पर खर्च किये. आर्यन ने कहा कि सफलता का श्रेय वह अपने गुरुजनों और पैरेंट्स को देना चाहते है. उन्होंने कहा कि दशवीं में सफलता पाने के लिए प्रतिदिन घर पर 6 से 7 घण्टे तक पढ़ाई करता थे. अब मेहनत के बाद सफलता मिलने से हौसला बढ़ा है इसलिए आगे चलकर वह इंजीनियर बनना चाहते हैं.

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