14 सितम्बर को डुमराँव अनुमंडल के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र अंतर्गत सोवा गांव के समीप सीएसपी संचालक से हुए लूट के दौरान एक ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर देने वाले दोनों अपराधियो को 48 घण्टे के अंदर बक्सर पुलिस ने किया गिरफ्तार, जेल में बंद एक अपराधी के इशारे पर घटना को दिया गया था अंजाम…
द जनमित्र । विमल यादव
बक्सर-: 14 सितंबर को जिले के डुमराव अनुमंडल के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र अंतर्गत सोवा गांव के समीप सीएसपी संचालक मनोज यादव से साढ़े तीन लाख की लूट के दौरान सीएसपी संचालक के पैर में गोली मारने के साथ ही एक स्थानीय युवक की हत्या कर लूट की राशि लेकर फरार होने वाले दोनों अपराधियो को 48 घण्टे के अंदर बक्सर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जिले में लूट के दौरान दो लोगो को गोली मारने की घटना से पुलिस विभाग के वरीय अधिकारियों के आँखों से नींद गायब कर दी , पुलिस कप्तान मनीष कुमार के निर्देश पर डुमराँव अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी अफाख अख्तर अंसारी के नेतृत्व में एक टीम की गठन की गई और 48 घण्टे के अंदर वैज्ञानिक तरीके से अनुसन्धान कर इस घटना में शामिल दोनों अपराधियो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जिनके पास से हत्या में इस्तेमाल किये गए बाइक और हथियार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है.
जेल में बंद सेराज सिद्दकी के इशारे पर घटना को दिया गया था अंजाम
इस घटना के बाद से ही अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी ने नेतृत्व में गठित टीम के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहायता से 48 घंटे के अन्दर इस कांड में संलिप्त दोनों आरोपियो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जिनके पास से घटना में प्रयोग किया गया 01 देशी कट्टा, 01 पिस्टल, एवं 03 जिंदा कारतूस बरामद की गई है. गिरफ्तार अभियुक्तों ने पुछताछ के दौरान बताया कि जेल में बंद पाली उर्फ सेराज सिद्धिकी के कहने पर ही उनलोगों ने इस घटना को अंजाम दिया था.

क्या कहते है एसपी
इस लूट, हत्याकांड का खुलासा करते हुए, पुलिस कप्तान मनीष कुमार ने बताया की, इस वारदात की गंभीरता को देखते हुए डुमराव एसडीपीओ अफाक अख्तर अंसारी के नेतृत्व में एक टीम की गठन की गई थी. इसके अलावा कई पुलिस पदाधिकारी को इस केस की उद्भेदन करने के लिए लगाया गया था. वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर जब इसकी जांच की गई तो दोनों आरोपियो को गिरफ्तार किया गया जिनके पास से बाइक, हथियार, जिंदा कारतूस, लैपटॉप अलावे पैसा भी बरामद किया गया है. जेल में बंद पाली उर्फ सेराज सिद्दीकी के कहने पर दोनों अभियुक्तों ने इस घटना को अंजाम दिया था. जिनका कई आपराधिक इतिहास भी है.
गौरतलब है कि इस मामले की उद्भेदन करने के बाद बक्सर पुलिस ने राहत की सांस ली है। देखा जा रहा है कि पिछले कुछ महीनो से बिहार में अपराधियों का मनोबल सातवे आसमान पर है।.उनके मनोबल को तोड़ने के लिए पुलिस बेलगाम अपराधियों को गिरफ्तार कर लगातार सलाखों के पीछे भेज रही है.

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