अंधविश्वास की शिकार हुई महिला, बीमार बेटे की जल्द ही मौत हो जाने का डर दिखाकर लाखो का गहना ले उड़ा ठग. मुरार थाना क्षेत्र के कोन्ही गांव का है मामला.
द जनमित्र | डेस्क
बक्सरः जिले के डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत मुरार थाना क्षेत्र के कोन्ही गांव में ठगी के नए तरीके को सुनकर हर कोई हैरान है दरअसल जीन्स और शर्ट पहने एक युवक बाइक पर सवार होकर एक महिला के घर में प्रवेश करने के साथ ही उसके बीमार बेटे की मौत हो जाने की बात कहकर उसे डराने लगा. महिला जब पूरी तरह से डर गई तो उसे अपने झांसे में लेकर उसके बच्चे को बचाने की उपाए बताने लगा. इस दौरान पूजा पाठ करने का झांसा देकर महिला के लाखों के गहने लेकर उड़ गया जबतक महिला को ठगे जाने का आभास हुआ तब तक काफी देर हो चुका था. महिला ने मुरार थाने में ठग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.

अंधविश्वास के आड़ में ले उड़ा लाखो के गहने
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घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार मुरार थाना क्षेत्र के कोन्ही गांव निवासी पिंटू यादव की पत्नी रितु ठगी का शिकार हुई है. उनके लाखों रुपये मूल्य के गहने लेकर ठग फरार हो गया. पीड़िता रितु देवी ने बताया कि बाइक पर सवार होकर एक युवक आया और उसने आते ही यह बताया कि तुम्हारे बेटे की तबीयत खराब है. सावन मास खत्म होते-होते उसकी मौत हो जाएगी. उसने कहा कि वह तंत्र-मंत्र का जानकार है और अपनी इसी शक्ति से वह भविष्य देख पा रहा है. यह सुनने के बाद रितु घबरा गई और ऐसा होने से रोकने का उपाय पूछा तब युवक ने कहा कि यदि वह एक छोटी से पूजा करती है तो उस पर आ रही विपत्ति टल जाएगी.
मंगवाया अगरबत्ती, लिया 11 रुपये की दक्षिणा
पीड़िता रितु देवी ने बताया कि बाइक पर सवार होकर जींस पैंट और शर्ट पहने एक युवक आया था जिसने उसे बेटे की तबीयत ठीक करने की बात कहते हुए पूजा-पाठ करने की बात कही. पूजा के लिए सबसे पहले उसने थोड़ा चावल मंगाया फिर अगरबत्ती मंगाई और फिर यह कहा कि कोई एक स्वर्णाभूषण उसे उसके सामने रखना होगा तभी पूजा शुरु हो पाएगी. रितु उसके झांसे में आ गई. अलमारी से एक गहना उसके सामने लाकर रख दिया. अब ठग ने पूजा करने का नाटक शुरु किया और अगरबत्ती जलाकर यह कहा कि यह अगरबत्ती वह घर के एक कमरे में लेकर चली जाए और जब तक वह ना बुलाए तब तक बाहर नहीं आए. इसी बीच रितु की सास पहुंच गई लेकिन सास को भी उसने यही कहते हुए दूसरे कमरे में भेज दिया.

2 घंटे तक नहीं बुलाया तो खुद ही बाहर आ गई रितु
रितु ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने उसे 2 घंटे तक बाहर नहीं बुलाया उसे लगा कि शायद वह पूजा कर रहा हो. 2 घंटे बाद वह स्वयं ही बाहर निकली तो देखा कि कोई नहीं था तब उसने दरवाजा बंद करना शुरु किया. इसी बीच उसकी नजर अलमारी पर गई जो की खुली हुई थी. यह देखते ही उसके होश उड़ गए जब उसने तलाशी ली तो उसके मंगलसूत्र, पायल, अंगूठियां, पुत्र के गहने समेत स्वर्णाभूषण गायब हो गए थे. रोते-बिलखते उसने अपनी सास को भी इस बात की जानकारी दी और फिर दोनों थाने पहुंचे.
भय ने कर रखा था भयभीत
पीड़ित रितु देवी की सास रेशमा देवी ने कहा कि वह घर पर नहीं थी जब पहुंची तो देखा की पूजा पाठ जारी है. पूछने पर ज्ञात हुआ कि पोते की बीमारी को ठीक करने के लिए पूजा चल रही है. ठग ने उसे भी एक अगरबत्ती दी और कहा कि वह एक कमरे में चली जाए और वहां जाकर अगरबत्ती लेकर बैठ जाए हालांकि सास का यह दावा है कि उसे संदेह हो गया था लेकिन उसे नहीं मालूम था कि ठग की नजर गहनों पर है और वह डर से भयभीत होकर चुप रही.

क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
मुरार थाना के थानाध्यक्ष रविकांत ने बताया कि घटना की जानकारी पीड़िता के द्वारा तकरीबन दो घंटे बाद दी गई जिस बाइक से ठग आया था उसका नंबर आदि भी नोट नहीं किया गया है हालांकि जो हुलिया बताया गया है उसके आधार पर ठग के पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश हो रही है. इस तरह के अंधविश्वास से लोगों को बचना चाहिए.




