द जनमित्र | शशि
डुमरांव में आज भाकपा माले और इंसाफ मंच के कार्यकर्ताओं ने एक मार्मिक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले 28 नागरिकों की याद में NH 120 पर नया थाना के समीप संपन्न हुआ। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने न केवल शहीदों को याद किया, बल्कि मौजूदा सरकार की नाकामी के प्रति अपने रोष और सामाजिक एकता के लिए अपनी मांगों को भी बुलंद किया।




सभा को संबोधित करते हुए डुमरांव प्रखंड सचिव कन्हैया पासवान ने गहरे दुख के साथ कहा कि यह घटना देश के लिए एक काला अध्याय है। उन्होंने इसे सरकार की विफलता का परिणाम बताते हुए कहा कि 28 निर्दोष नागरिकों की जान सिर्फ इसलिए चली गई, क्योंकि सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही। पासवान ने जोर देकर कहा कि यह घटना नहीं होनी चाहिए थी, और भाकपा माले इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने शहीदों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई और सरकार से नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी की मांग की।
इसके साथ ही, कन्हैया पासवान ने हाल ही में पारित वक्फ संशोधन कानून की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे समाज को बांटने वाला और संविधान के मूल्यों के खिलाफ बताया। उनके अनुसार, यह कानून सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा देने की भाजपा सरकार की सोची-समझी चाल है। उन्होंने सरकार से इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की, ताकि देश में शांति और एकता बनी रहे। पासवान ने कहा कि हमारा संविधान किसी भी विभाजनकारी नीति की इजाजत नहीं देता, और हर नागरिक को सम्मान और सुरक्षा का हक है।
इस श्रद्धांजलि सभा में इंसाफ मंच के नेता जाबिर कुरैशी और महफूज आलम, एपवा की जिला सह-सचिव पूजा कुमारी, माले नेता छविनाथ पासवान और धर्मेंद्र सिंह यादव सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए। यह आयोजन न केवल शहीदों के प्रति सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक न्याय और एकता के लिए संघर्ष को भी मजबूत करने का संदेश दे गया। भाकपा माले और इंसाफ मंच ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि वे हर नागरिक के हक और सुरक्षा के लिए लड़ते रहेंगे।

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