द जनमित्र | शशि
बक्सर जिले की उत्पाद पुलिस ने गुरुवार को नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस अभियान के तहत चौसा चेकपोस्ट पर एक मिनी ट्रक की तलाशी के दौरान 12,000 बोतल फेंसिडिल कफ सिरप जब्त किया गया। ये सभी बोतलें 100 मिलीलीटर की थीं, जिसका कुल आयतन 1200 लीटर रहा। बाजार में इस जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 36 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज गांव के निवासी संदीप कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरोपी ने फेंसिडिल की बोतलों को प्याज और लहसुन की बोरियों के नीचे छिपाया था, ताकि चेकिंग के दौरान किसी को शक न हो। ट्रक में कुल 38 बोरी प्याज और 70 बोरी लहसुन लोड की गई थी, जिसे कवर के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। यह चालाकी तस्करी को छिपाने का एक सुनियोजित प्रयास था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ कि यह नशीली खेप उत्तर प्रदेश से बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल या अन्य राज्यों में भेजी जा रही थी। इस तस्करी के पीछे एक बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
चौसा चेकपोस्ट के प्रभारी दिलीप सिंह ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जब्त की गई सामग्री की गिनती बक्सर सदर के कार्यपालक दंडाधिकारी विनोद कुमार सिंह की मौजूदगी में की गई, जिसकी पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
फेंसिडिल एक प्रतिबंधित कोडीन-आधारित कफ सिरप है, जिसका इस्तेमाल नशे के रूप में बड़े पैमाने पर किया जाता है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नशे की तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से तस्करों के हौसले पस्त होंगे और नशे के कारोबार पर लगाम लगेगी।

Comment here