अपराध

चंदन मिश्रा हत्याकांड: 10 लाख की सुपारी, जेल से साजिश और अस्पताल के राज

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द जनमित्र डेस्क
बक्सर के कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या का मामला उलझता जा रहा है, और जांच में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। खबर है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की सुपारी 10 लाख रुपये में दी गई थी। सुपारी देने वाला कोई और नहीं, बल्कि पुरुलिया जेल में बंद शेरू था, जिसने अपने पुराने जेल यार तौसिफ को ये खतरनाक काम सौंपा।

बात शुरू हुई बेऊर जेल से, जहां शेरू और तौसिफ की दोस्ती पक्की हो गई। तौसिफ के जेल से छूटने के बाद शेरू ने पुरुलिया जेल से ही फोन पर पूरी साजिश रची। योजना थी चंदन को ठिकाने लगाने की, और इसके लिए शूटरों की फौज तैयार की गई।

जांच में सामने आया कि शूटर वारदात से तीन दिन पहले ही समनपुरा पहुंच गए थे। उन्होंने पारस अस्पताल के पीछे एक अपार्टमेंट में डेरा डाला, जिसका इंतजाम समनपुरा के ही एक बदमाश ने किया था। हर दिन अस्पताल की रेकी होती थी। तौसिफ का पहले से ही अस्पताल के कुछ स्टाफ से कनेक्शन था, क्योंकि उसका एक दोस्त कुछ महीने पहले वहां भर्ती था। इस वजह से वह अस्पताल में आता-जाता रहता था। अब पुलिस की नजर उन स्टाफ कर्मियों पर भी है, जिनसे शुक्रवार को पूछताछ हुई। पुलिस ने अस्पताल प्रशासन से सिक्योरिटी स्टाफ की लिस्ट भी मांगी है।

चंदन 3 जुलाई को पेरोल पर जेल से बाहर आया था, ताकि अपने पिता का इलाज करा सके। उसे 18 जुलाई तक बेऊर जेल लौटना था। इस दौरान वह अपने गांव सोनवर्षा में रहा। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि पांच शूटरों में से दो चंदन से मिलने उसके घर भी गए थे।

17 जुलाई को पारस अस्पताल के कमरा नंबर 209 में पांच हथियारबंद बदमाश घुसे और चंदन को गोलियों से भून डाला। वारदात के बाद तौसिफ अपने घर गया, बहन को ससुराल छोड़ा, और फिर वहां से फरार हो गया। पुलिस ने समनपुरा से जिशान समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है। फुलवारी, बक्सर, आरा और झारखंड में छापेमारी चल रही है। छह बदमाशों से, जो शूटर्स को पनाह, हथियार और बाइक देने में शामिल थे, देर रात तक पूछताछ होती रही। आठ संदिग्धों को उठाया गया, जिनमें से दो को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया।

मामले में दो FIR दर्ज हुई हैं। पहली चंदन के पिता मंटू मिश्रा ने दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने डॉ. पिंटू और अस्पताल स्टाफ पर शक जताया। उनका कहना है कि चंदन को 16 जुलाई को डिस्चार्ज होना था, लेकिन डॉक्टरों ने 17 जुलाई की तारीख दी। उन्होंने तौसिफ उर्फ बादशाह, बलवंत सिंह और मोनू को भी नामजद किया। दूसरी FIR चंदन के अटेंडेंट दुर्गेश पाठक के बयान पर दर्ज हुई, जिसके पैर में गोली लगी थी। दुर्गेश का कहना है कि वारदात के बाद वह चिल्लाता रहा, लेकिन अस्पताल स्टाफ 15 मिनट बाद कमरे में पहुंचा।

पुलिस अब तौसिफ के पिता, बहन और दोस्तों से पूछताछ कर रही है। समनपुरा में निशु खान के घर पर भी छापा मारा गया। शेरू से पूछताछ के लिए पुलिस की एक टीम जल्द पुरुलिया जेल रवाना होगी। ये हत्याकांड अब एक जटिल साजिश की तरह सामने आ रहा है, जिसमें जेल की दोस्ती, सुपारी और अस्पताल के अंदरूनी कनेक्शन की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।

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