उपमुख्यपार्षद समेत 20 वार्ड पार्षदों ने नगर कार्यपालक पदाधिकारी प्रेम स्वरूपम पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप तो डीएम के आदेश पर जांच करने पहुँची तीन सदस्यीय टीम ने इशारो इशारो में दी क्लीन चीट,आरोप लगाने वाली उपमुख्यपार्षद पर ही मुख्यपार्षद समते 37 वार्ड पार्षदों ने लगा दिया गम्भीर आरोप.
द जनमित्र | डेस्क
बक्सरः नगर परिषद कार्यालय में बृहस्पतिवार को पूरे दिन गहमा गहमी रही. जिला प्रशासन के बड़े-बड़े अधिकारियो की गाडियो को नगर परिषद कार्यलय में आते जाते देख वंहा से गुजरने वाले सभी लोगो की नजर उस वजह की तलाश कर रही थी कि एडीएम से लेकर एसडीएम, लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के अलावे दर्जनों वार्ड पार्षदों की भीड़ आखिर क्यों लगी है. कुछ देर बाद जानकारी निकलकर सामने आई कि उपमुख्यपार्षद ने कुछ वार्ड पार्षदों के हस्ताक्षर के साथ जिलाधिकारी से लिखित शिकायत करते हुए नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए जांच करने की मांग की है.

जिलाधिकारी के निर्देश पर पहुँची तीन सदस्यीय टीम के जांच करने से पहले ही मुख्यपार्षद समेत कुल 37 वार्ड पार्षदों ने लेटर पैड पर हस्ताक्षर के साथ कार्यपालक पदाधिकारी को ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ पदाधिकारी बताते हुए एक पत्र जारी कर उपमुख्यपार्षद पर ही कई गम्भीर आरोप लगा दिये जिसके कारण जांच कमेटी के अधिकारी भी इशारो इशारो में कार्यपालक पदाधिकारी को क्लीन चिट दे दिए.
देखिए क्या है आरोप और क्या कहते हैं जांच अधिकारी
जांच के दौरान नगर परिषद कार्यालय में पहुँचे उपमुख्यपार्षद के प्रतिनिधि रामजी सिंह ने बताया कि नगर के साफ सफाई में कितनी राशि खर्च होती है इस बात की जानकारी मांगने पर भी नप के कार्यपालक पदाधिकारी नही देती है. जब आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगा गया तो पता चला कि 53 लाख महीना प्रत्येक वार्ड की साफ सफाई के अलावे गंगा नदी के घाट की सफाई पर अलग से 12 लाख 43 हजार प्रत्येक माह खर्च किया जा रहा जिसमे केवल लूट हो रही है. हम लोगों ने जांच की मांग किया था कमेटी जांच के लिए आई है.
भ्रष्टाचार के आरोप को बताया बेबुनियाद देखिए क्या कहते हैं मुख्य पार्षद प्रतिनिधि
उपमुख्यपार्षद के प्रतिनिधि के आरोप को बेबुनियाद बताते हुए मुख्यपार्षद प्रतिनिधि नियमतुला फरीदी ने बताया कि, कुछ लोग बोर्ड को काम नही करने देना चाहते है इसलिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे है. नप के कुल 42 वार्ड पार्षदों में से 37 ने यह लिखित रूप से पत्र दे दिया है कि नप के कार्यपालक पदाधिकारी ईमानदार है उनको बदनाम करने के लिए वार्ड पार्षदों का फर्जी हस्ताक्षर के साथ आवेदन लिखकर जांच कराई गई है.


वार्ड पार्षदों ने कहा हमने नही लगाया है आरोप
जांच कमिटी के सामने कई वार्ड पार्षदों ने बताया कि जिस हस्त्ताक्षर के सहारे उप मुख्यपार्षद ने डीएम से जांच कराने की मांग करते हुए आवेदन दिया है उस पर हमारा हस्ताक्षर फर्जी तरीके से किया गया है हमने कोई हस्ताक्षर नही किया है. जांच के बाद वापस लौट रही कमेटी के सदस्य लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी किशोरी चौधरी ने बताया कि, हमलोग जांच करने के लिए आये थे लेकिन आरोप लगाने वाले अधिकांश लोग अपने बयान से मीडिया के सामने ही मुकर गए, हमलोग जिलाधिकारी को रिपोर्ट सुपुर्द करेंगे.


पूरे दिन चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे को लेकर नगर कार्यपालाक पदाधिकारी प्रेम स्वरूपम ने कहा हम काम करने के लिए आये है। सरकार ने जो जिम्मेवारी दी है उसका निर्वहन कर रहे है. कौन क्या आरोप लगा रहा है उससे क्या लेना देना है. सचाई सबके सामने है.
गौरतलब है की बक्सर जिला अपना 32 वा स्थापना दिवस मना चुका है लेकिन नगर की साफ सफाई को लेकर अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि कितना गम्भीर है आप इससे अंदाजा लगा सकते है कि नगर के कचड़े को सड़क एवं जल स्रोत में धड़ल्ले फेका जा रहा है और नगर परिषद ने एक डंपिंग जोन तक नही बन पाया.

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