अपराध

पत्नी और बेटी की दोहरी हत्याकांड में संलिप्त पति और देवर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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17 नवम्बर को जिले के औधोगिक थाना क्षेत्र के बालापुर में हुए दोहरे हत्याकांड में संलिप्त पति और देवर को पुलिस ने किया गिरफ्तार. घरेलू विवाद में ससुराल वालों ने ही हत्या की घटना को दिया था अंजाम.

द जनमित्र | सरिता कुमारी

बक्सर : जिले के औधोगिक थाना क्षेत्र के बालापुर में 17 नवम्बर को हुए मां-बेटी के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. ससुराल वालों ने ही इस घटना को अंजाम दिया था. वैज्ञानिक तरिके से पुलिस ने इस मामले का अनुसन्धान कर दोनों आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया है.

छठ महापर्व के दौरान हुए इस दोहरे हत्याकांड ने पुलिस की उड़ा दी थी नींद

छठ महापर्व के पहले ही दिन नहाए खाये के साथ लोग इस महापर्व को हर्षोउल्लास के साथ मना रहे थे. पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी जिले में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए 200 मजिस्ट्रेट के अलावे, 450 जवानों को सुरक्षा में लगाया था. इसी बीच औधोगिक थाना क्षेत्र के बालापुर में 35 बर्षीय महिला अनिता यादव एवं उसके 5 बर्षीय पुत्री की हत्या होने की सूचना ने पुलिस के आंखों से नींद गायब कर दी थी. एसपी मनीष कुमार मामले की गम्भीरता को देखते हुए खुद घटना स्थल पर पहुँचकर डॉग एस्क्वायड एवं एफएसएल की टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से अनुसन्धान करने का निर्देश दिया. मृतिका के रूम से हत्यारो की एक चप्पल भी बरामद हुई थी. जिसके बाद पुलिस ने परिजनों का अलग अलग बयान दर्ज किया. सभी का बयान एक दूसरे से भिन्न होने के बाद पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो परिजनों ने बताया कि मृतिका अनिता देवी के पति बब्लू यादव और उसके देवर संजय यादव ने ही धारदार हथियार से माँ बेटी की हत्या कर चोरों द्वारा इस घटना को अंजाम देने की झूठी कहानि रच डाली.

क्या कहते है एसपी

मामले की जानकारी देते हुए एसपी मनीष कुमार ने बताया कि, घरेलू विवाद में इस घटना को अंजाम दिया गया है. मृतिका के पति बब्लू यादव अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था. हत्या के बाद महिला के मायके वालों ने भी इन दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था. जब बैज्ञानिक तरिके से केस की स्टेप बाई स्टेप जांच की गई तो, पूरे मामले में दोनों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. इस घटना में अन्य किसी की संलिप्तता तो नही है इसकी जांच किया जा रहा है.

गौरतलब है कि इस दोहरे हत्याकांड के बाद से ही पुलिस कप्तान मनीष कुमार लगातर इस मामले का मोनिटरिंग कर रहे थे. जिसके कारण जांच टीम में शामिल थानेदार से लेकर अन्य अधिकारियो के हाथ पैर फूल रहा था. मात्र 120 घण्टे में पुलिस ने इस हत्याकांड से पर्दा हटा दिया है.

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