द जनमित्र डेस्क
बक्सर नगर परिषद के सफाईकर्मियों ने मंगलवार से काम बंद कर दिया है। वेतन समय पर न मिलने और आंशिक भुगतान होने की शिकायत करते हुए उन्होंने सफाई सेवाएं रोक दी हैं। नतीजतन बुधवार को शहर की प्रमुख सड़कों, बाजारों और गलियों में कूड़े के ढेर दिखने लगे। बरसात और उमस भरे मौसम में जमा कचरे से दुर्गंध फैल रही है, जिससे दुकानदार, राहगीर और स्थानीय निवासी परेशान हैं।

कर्मियों का आरोप है कि मासिक मजदूरी नियमित रूप से समय पर नहीं पहुंचती। कई मौकों पर भुगतान होने पर भी पूरी राशि उनके खातों में जमा नहीं होती। उन्होंने बताया कि पहले यह तय हुआ था कि हर महीने की दस तारीख से पहले वेतन दिया जाएगा, लेकिन इस व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा। इसी कारण उन्होंने काम ठप करने का फैसला लिया। उनका कहना है कि जब तक बकाया राशि और पूरी मजदूरी नहीं मिल जाती, वे ड्यूटी पर नहीं लौटेंगे।
सफाई ठप होने का सबसे ज्यादा असर बाजार क्षेत्रों पर पड़ा है। स्टेशन रोड, ज्योति चौक, मुख्य बाजार और किला मैदान के आसपास कचरे के अंबार लग गए हैं। सब्जी मंडी और ठठेरी बाजार में भी गंदगी बढ़ गई है। कई जगह सड़क किनारे कूड़ा बिखरा पड़ा है। स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक बदबू और गंदगी की वजह से ग्राहक बाजार आने में हिचकिचा रहे हैं।
नगर परिषद का दावा है कि शहर में रोजाना करीब 88 टन कचरा निकलता है। अगर सफाई व्यवस्था लंबे समय तक बाधित रही तो हालात और बिगड़ सकते हैं। बरसात के मौसम में कचरा पड़ा रहने से संक्रमण और मच्छर बढ़ने की आशंका से लोग चिंतित हैं।
कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक ने बताया कि उन्हें सफाई को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सफाई एजेंसी का भुगतान पिछले तीन माह से अटका हुआ है, जिससे यह संकट पैदा हुआ। उनके अनुसार अब तक सफाईकर्मियों का कोई प्रतिनिधि वार्ता या लिखित शिकायत लेकर नहीं आया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एजेंसी का बकाया भुगतान लंबित है, फिर भी कर्मियों की समस्या सुलझाने के लिए बातचीत संभव है।

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