बक्सर भाजापा में दो फाड़ , सोशल मीडिया से लेकर सड़क पर पर शुरू हुआ सियासी संग्राम. अश्विनी कुमार चौबे ने ट्वीट कर धैर्य बनाये रखने का किया अपील कहा सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही.
द जनमित्र । एस कुमार विमल
बक्सर: 2024 के लोकसभा चुनाव की तिथियां के साथ उम्मीदवारों का भी ऐलान हो गया है. बक्सर लोकसभा सीट से केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे का टिकट कटने के बाद सोशल मीडिया से लेकर सड़क पर भाजपा नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. भाजपा कार्यकर्ताओं का एक गुट केंद्रीय मंत्री का अर्थी जुलूस निकालकर जहां जश्न मना रहा है. वही दूसरा गुट सोशल मीडिया पर लगातार बक्सर लोकसभा सीट से नए एनडीए उम्मीदवार मिथिलेश तिवारी का विरोध करते हुए बाहरी भगाओ लोकल बुलाओ का ट्रेंड चला रहा है. जिससे विरोधी दल के नेताओ में उत्साह है भाजपा के स्थानीय नेताओं ने कहा अब बक्सर के कार्यकर्ता बाहरी नेताओ का झोला नही ढोएंगे.भाजपा के नए उम्मीदवार के खिलाफ बक्सर भाजपा के नेता स्थानीय उम्मीदवार को मैदान में उतारकर मिथलेश तिवारी का ईट से ईंट बजा देंगे. भाजपा के अंदर ही उठे इस सियासी बवंडर के बाद, केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने अपने शुभ चिन्तको से धैर्य बनाये रखने का अपील करते हुए ट्विट कर परेशान नही होने का अपील किया है. जिससे पार्टी का आंतरिक कलह सड़को पर आ गया है.

बीजेपी के नेताओं ने अश्विनी कुमार चौबे को बताया धृतराष्ट्र
स्थानीय सांसद अश्विनी कुमार चौबे को बेटिकट होते ही बक्सर भाजपा नेताओ का एक गुट सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ खुलकर बगावत शुरू कर दी है. किसी ने उनको धृतराष्ट्र तो उनके दोनों पुत्रों को दुर्योधन और दुशासन बताया है.
वही दूसरा गुट नए उम्मीदवार के खिलाफ मुहिम शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया में उठे सियासी बवंडर को लेकर जब बीजेपी के कदावर नेता दुर्गावती चतुर्वेदी से लेकर दीपक पांडेय, राणा प्रताप सिंह समेत आधा दर्जन नेताओ से बात की गई तो सभी ने एक शुर से कहा अब बक्सर भाजपा के नेता बाहरी नेताओ का झोला नही ढोएंगे यदि अभी भी पार्टी का शीर्षनेतृव अपना फैसला नही बदलता है तो होली बाद मिथलेश तिवारी के खिलाफ बक्सर भाजपा का एक उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरकर ईट से ईंट बजा देगा.

क्या कहते है राजनीतिक विश्लेषक
वही बक्सर भाजपा में उठे इस सियासी बवंडर के बाद राजनीतिक विश्लेषक डॉक्टर सत्यनारायण सिंह ने बताया कि बिहार भाजपा ने बाहरी उम्मीदवार को मैदान में उतारकर सबसे बड़ी भूल कर दी है. 10 बर्षो के कार्यकाल में भाजपा सांसद ने एक भी योजना ऐसा बक्सर को नही दिया जो पूरा हुआ हो जिसका विरोध बक्सर भाजपा के नेता ही कर रहे थे. ऐसे में स्थानीय नेता को छोड़कर बाहरी नेता को बक्सर लोकसभा का उम्मीदवार बना देना आग में घी डालने के जैसा हो गया है. बीजेपी के नेताओ को बक्सर की जनता ने 6 बार मौका दिया. लेकिन आज तक आश्वासन देने के बाद भी केंद्रीय विद्यालय को अपना भवन तक नही मिला. नतीजन एक कमरे में 30 की जगह 60 बच्चे बैठकर पढ़ते है. ऐसे तमाम समस्या है जिसे भाजपा के नेताओ ने जुमला साबित कर दिया है. एक हजार 8 फीट की पराक्रमी राम का प्रतिमा लगाने की घोषणा भी जुमला हो गया.

गौरतलब है कि सात चरणों में 2024 का लोकसभा चुनाव होनी है. एक जून को सातवे चरण में बक्सर मे मतदान होगा उससे पहले एनडीए और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल ही अपने-अपने गठबन्धन के उम्मीदवारों के खिलाफ भितरघात करना शुरू कर दिया है. वरिष्ठ पत्रकार राम मुरारी राय ने बताया कि कम्युनिष्ट पार्टी से लेकर, कांग्रेस के मजबूत दावेदारों ने अपनी दावेदारी इस लोकसभा सीट पर पेश की थी लेकिन टिकट किसी और को मिल गया वही हालत एनडीए का भी है. ऐसे में यंहा त्रिकोणीय लड़ाई होना स्वभाविक है.

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