द जनमित्र न्यूज डेस्क
गुरुवार की रात, बक्सर जिले के मलाहचकिया गांव में एक दिल दहलाने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे, मुफस्सिल थाने के एएसआई नीतीश कुमार बक्सर से चौसा की ओर जा रहे थे। रास्ते में शोर-शराबा सुनकर वे रुके और हालात संभालने की कोशिश करने लगे। लेकिन किसे पता था कि ये कर्तव्यनिष्ठा उनकी जान पर बन आएगी।










गांव के सत्येंद्र कुमार, जो रिटायर्ड दारोगा जगमोहन चौधरी का बेटा है, ने अचानक नीतीश पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सत्येंद्र, जो नशे का आदी और उग्र स्वभाव का बताया जाता है, उस वक्त अपने घर में तोड़फोड़ और परिजनों को धमकाने में लगा था। जब एएसआई ने बीच-बचाव किया, तो सत्येंद्र ने सब्जी काटने वाले चाकू से उनके सिर और शरीर पर कई वार किए।
खून से लथपथ वर्दी में नीतीश को स्थानीय लोगों ने तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। सिर पर कई टांके लगे हैं। सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार, मुफस्सिल थानाध्यक्ष शंभु भगत, डायल-112 की टीम और सदर डीएसपी धीरज कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। देर रात एसपी शुभम आर्य भी अस्पताल पहुंचे, करीब 45 मिनट रहे और डॉक्टरों से नीतीश की स्थिति की जानकारी ली।
पुलिस ने सत्येंद्र को ग्रामीणों की मदद से एक घर से धर दबोचा और हमले में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया। नीतीश के बयान के आधार पर सत्येंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एसपी ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। जांच जारी है, और गांव में तनाव का माहौल है।


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