द जनमित्र डेस्क
शहर के शांतिनगर मोहल्ले में तीन साल पहले मोबाइल चोरी के आरोप में हुई युवक गुड्डू चौहान की क्रूर हत्या के मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-8) सुनील कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी महिला सीमा देवी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त तीन माह की सजा भुगतनी होगी।

यह घटना 23 जून 2022 की है, जब शांतिनगर निवासी रामाश्रय चौहान के पुत्र गुड्डू चौहान पर उसी मोहल्ले की रहने वाली सीमा देवी ने मोबाइल चोरी का आरोप लगाया। आरोप लगते ही सीमा देवी ने आपा खो दिया और लाठी-डंडों से गुड्डू पर बेरहमी से हमला बोल दिया। मारपीट इतनी भीषण थी कि युवक के सिर पर गहरी चोटें आईं और वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने तुरंत घायल गुड्डू को सदर अस्पताल बक्सर पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मृतक के परिजनों व मोहल्लेवासियों में भारी आक्रोश था।
मृतक के पिता रामाश्रय चौहान ने टाउन थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर सीमा देवी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान लिए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने कई गवाह पेश किए और साक्ष्यों के आधार पर साबित किया कि सीमा देवी की मारपीट के कारण ही गुड्डू की मौत हुई। सभी तथ्यों पर विचार के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की राहत मिली है। क्षेत्र में यह फैसला कानून हाथ में लेने वालों के लिए सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि बिना सबूत के आरोप लगाकर हिंसा करना गंभीर अपराध है और इसके कड़े परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।


Comment here