द जनमित्र | शशि
जिला प्रशासन ने दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें गंगा नदी और अन्य जल स्रोतों में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी पूजा समितियों को कृत्रिम तालाबों में ही प्रतिमा विसर्जन करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से कहा कि नदी में मूर्ति विसर्जन से जल प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए नगर निकायों को कृत्रिम तालाब बनाने के आदेश दिए गए हैं। विसर्जन के बाद मूर्तियों के अवशेषों का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रशासन ने मूर्तियों की ऊंचाई को 20 फीट तक और ऊपरी संरचना को 40 फीट तक सीमित रखने का नियम बनाया है। इसके अलावा, डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, और केवल परंपरागत वाद्य यंत्रों तथा स्वीकृत साउंड सिस्टम का उपयोग किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली पूजा समितियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मूर्तियों में जहरीले रंगों का उपयोग प्रतिबंधित है, और विसर्जन जुलूस पुराने रूट से ही निकाला जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि जुलूस के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है, तथा जुलूस में हथियार ले जाना, भड़काऊ गाने बजाना या नारेबाजी करना दंडनीय अपराध माना जाएगा। बिना लाइसेंस जुलूस निकालने पर सख्त कार्रवाई होगी।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि ये सख्त कदम गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। उन्होंने पूजा समितियों और आमजन से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और पर्व को सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में मनाएं। अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर एवं डुमरांव को निर्देश दिया गया है कि जुलूस के लिए अनुज्ञप्ति जारी करने से पहले सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जुलूस का लाइसेंस जिस व्यक्ति के नाम पर जारी किया जाएगा, उसकी पहचान निश्चित रूप से की जाएगी। जुलूस में उत्तेजक या भड़काऊ गाने और नारेबाजी नहीं की जाएगी, तथा जुलूस में शामिल कम से कम 10 से 15 लोगों का आधार कार्ड, पहचान पत्र एवं मोबाइल नंबर प्राप्त किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने पूजा समिति के सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि सभी पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूसों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। मूर्ति की अधिकतम ऊंचाई 20 फीट से अधिक न हो, और ऊपरी संरचना की ऊंचाई 40 फीट तक सीमित रखी जाए। मूर्ति की ऊपरी संरचना के निर्माण में पारा, कैडमियम, आर्सेनिक, शीशा और क्रोमियम जैसी जहरीली भारी धातुओं वाले कृत्रिम रंगों का उपयोग न किया जाए। पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ वैध बिजली कनेक्शन और फायर सेफ्टी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। भीड़ नियंत्रण एवं पार्किंग की तैयारी भी जरूरी है। पूजा समितियों को पूजा कार्य में लगे वॉलेंटियर्स के नाम, मोबाइल नंबर एवं आधार कार्ड का विवरण प्रदान करना होगा, तथा सभी वॉलेंटियर्स को आईडी कार्ड बनाना अनिवार्य है। जुलूस पुराने रूट पर ही निकाला जाए, डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, और कृत्रिम तालाब में ही प्रतिमा विसर्जन किया जाए। जुलूस में हथियार ले जाना या प्रदर्शन करना आर्म्स एक्ट के तहत प्रतिबंधित है।

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