द जनमित्र | शशि
बक्सर के तियारा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया। राजपुर थाना क्षेत्र के इस गांव में खेत और पैसों के विवाद ने 40 वर्षीय किसान मुन्ना चौहान की जान ले ली। रविवार की देर रात, तनाव और निराशा के बोझ तले दबे मुन्ना ने जहर खा लिया। परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन सोमवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं।





मुन्ना के परिवार का कहना है कि उन्होंने गांव के ही धीरज राम को एक लाख रुपये देकर उनका खेत गिरवी पर लिया था। मगर जब मुन्ना खेत जोतने पहुंचे, तो धीरज ने उन्हें रोक दिया। न खेत मिला, न ही रुपये वापस किए गए। यह विश्वासघात मुन्ना के लिए असहनीय साबित हुआ। पंचायत मुखिया राजेश कुमार ने बताया कि मुन्ना ने कर्ज लेकर यह रकम जुटाई थी। खेत न मिलने और पैसे डूबने के सदमे ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया कि उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना प्रभारी ज्ञान प्रकाश और फोरेंसिक साइंस लैब की टीम मौके पर पहुंची। सबूत जुटाए गए, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी तक परिजनों ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
मुन्ना, जलहरा गांव निवासी बाल बच्चन चौहान के बेटे थे। उनकी अचानक मौत ने तियारा गांव में मातम छा दिया। ग्रामीणों के बीच इस त्रासदी को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। यह घटना न केवल एक परिवार के दुख की कहानी है, बल्कि समाज में विश्वास व आर्थिक तनाव के गहरे प्रभाव को भी उजागर करती है।


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