द जनमित्र डेस्क
देश की सरहदों पर दुश्मन को धूल चटाने वाले बीएसएफ के जांबाज प्रेम प्रकाश राम सोमवार को अपने गांव बक्सर लौटे। जैसे ही वे अपने पैतृक गांव डेहरी पहुंचे, ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ उनका ऐसा स्वागत किया कि दिल भर आया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी मोर्टार रेजिमेंट के साथ आतंकियों को सबक सिखाने वाले प्रेम प्रकाश ने 10 आतंकियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई।





गांव के गंगा आदर्श उच्च विद्यालय में उनके सम्मान में भव्य समारोह हुआ। पंचायत मुखिया कल्लू अंसारी और ग्रामीणों ने प्रेम प्रकाश को फूल-मालाएं पहनाकर और स्मृति चिन्ह देकर गौरवान्वित किया। प्रेम प्रकाश ने वहां मौजूद लोगों को बताया, “एयर स्ट्राइक के बाद सीमा पर युद्ध जैसे हालात थे। 8 मई की रात हमने पूरी ताकत से जवाबी फायरिंग की। BSF और आर्मी को खुली छूट थी।”
उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पल साझा करते हुए कहा कि तीन दिन पहले ही अलर्ट मिल गया था। “हमने परिवार से बात कम की, ताकि ध्यान सिर्फ मिशन पर रहे। दो मोर्टार पोजिशन से हमने ऐसी फायरिंग की कि पाकिस्तान रेंजर्स को पीछे हटना पड़ा। ऑपरेशन कामयाब होने के बाद ही घरवालों को बताया। हमारे लिए देश पहले, फिर परिवार।”
प्रेम प्रकाश ने गर्व से कहा, “BSF सबसे आगे की चौकी है। दुश्मन का एक तिनका भी आए, तो हम पहले टकराते हैं। जब देशवासी त्योहार मनाते हैं, हम उनकी हिफाजत के लिए डटे रहते हैं। फौज उनके लिए है, जो लड़ने और दौड़ने का जज्बा रखते हैं। हमें मरने का डर नहीं, क्योंकि हम इसके लिए तैयार होकर आए हैं।”
समारोह में शहीद हवलदार सुनील सिंह को श्रद्धांजलि दी गई और उनके पिता को मंच पर सम्मानित किया गया। पूर्व जिला पार्षद मनोज यादव, जिला पार्षद पूजा कुमार, वार्ड पार्षद हृदय नारायण यादव और सैकड़ों ग्रामीणों ने इस मौके पर वीर जवान का हौसला बढ़ाया।
प्रेम प्रकाश का सफर
प्रेम प्रकाश 1 अप्रैल 2021 को बीएसएफ की 21वीं बटालियन में शामिल हुए। जोधपुर में ट्रेनिंग के बाद उनकी पहली पोस्टिंग 2022 में राजस्थान के गंगा नगर में हुई। 2023 में जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में दूसरी पोस्टिंग मिली, जहां वे कॉन्स्टेबल (जीडी) के तौर पर तैनात हैं। हाल ही में छुट्टी पर घर आए थे, लेकिन सर्विस में लौटते ही पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हिस्सा लिया। गांव वालों ने अपने इस शेर-दिल बेटे की वीरता पर सीना ठोककर तालियां बजाईं।


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