द जनमित्र | शशि
शुक्रवार की रात वीर कुंवर सिंह सेतु पर एक दिल दहलाने वाला हादसा हुआ। रात 9 बजे, एक स्कॉर्पियो, जिसकी रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे से ज्यादा थी, बेकाबू होकर ब्रिज की रेलिंग तोड़ती हुई गंगा की गहराइयों में समा गई। गाड़ी पहले डिवाइडर से टकराई, फिर हवा में लहराती हुई नदी में जा गिरी।





हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। DM विद्यानंद सिंह और SP शुभम आर्य मौके पर पहुंचे। SDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, दो क्रेनों की मदद से स्कॉर्पियो को नदी से बाहर निकाला गया। गाड़ी के अंदर एक युवक का शव मिला, जिसकी पहचान दुल्लहपुर निवासी संजय सिंह के बेटे झामु (22) के रूप में हुई। उसे फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गाड़ी से दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए। एक फोन हर्ष सिंह (22) का था, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह भी गाड़ी में सवार था। हालांकि, गाड़ी में कुल कितने लोग थे, यह अभी साफ नहीं हो पाया। स्थानीय लोगों का दावा है कि चार से पांच लोग स्कॉर्पियो में थे, लेकिन केवल दो का ही सुराग मिला है। बाकियों की तलाश में SDRF की टीम दिन-रात जुटी है।
SP शुभम आर्य ने बताया, “कम से कम दो युवक गाड़ी में थे। एक का शव बरामद हो चुका है, और दूसरे की तलाश जारी है।” DM ने कहा, “हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू शुरू कर दिया गया। हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं।”
बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो उत्तर प्रदेश से बक्सर की ओर आ रही थी। तेज रफ्तार और संभवतः चालक का नियंत्रण खोना इस हादसे की वजह बना। यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि तेज रफ्तार के खतरे की याद भी दिलाता है। गंगा की गहराइयों में अब भी जवाब तलाशे जा रहे हैं।


Comment here