द जनमित्र | शशि
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को बक्सर जिले के चौसा प्रखंड के नरबतपुर गांव में शहीद जवान सुनील कुमार सिंह के परिवार से मुलाकात की। शहीद के घर पहुंचकर उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और कहा कि दुख की इस घड़ी में समाज का हर तबका शहीद परिवार के साथ है। पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि शहीदों के सम्मान में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बिहार सरकार से मांग की कि प्रत्येक शहीद के नाम पर स्मारक, स्कूल, अस्पताल या मूर्ति जैसी स्थायी पहल की जाए ताकि उनकी शहादत अमर रहे। इस मुद्दे को वे विधानसभा में भी उठाएंगे।










तेजस्वी ने बताया कि जब सुनील का पार्थिव शरीर एयरपोर्ट लाया गया था, तब वे वहां मौजूद थे और परिवार से गांव आने का वादा किया था। इसके बाद वे चौसा में ही शहीद सीआरपीएफ जवान जयशंकर चौधरी के घर पहुंचे, जिनका हाल ही में तमिलनाडु में ड्यूटी के दौरान करंट लगने से निधन हुआ था। उन्होंने कहा कि सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों में भेदभाव नहीं होना चाहिए। पैरा मिलिट्री फोर्स के शहीदों को भी ‘शहीद’ का दर्जा मिलना चाहिए, जिसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा, लेकिन जवाब नहीं मिला।
भाजपा नेताओं के शहीदों के घर न पहुंचने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि वे किसी पार्टी पर टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन नेताओं की नैतिक जिम्मेदारी है कि वे शहीदों और पीड़ितों के साथ खड़े हों। उन्होंने बक्सर, आरा और शाहाबाद क्षेत्र की देश की रक्षा में अहम भूमिका को रेखांकित किया।
चौसा के बाद तेजस्वी राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर गांव पहुंचे, जहां तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्होंने संवेदना जताई और नीतीश सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की लापरवाही से यह वारदात हुई और समय पर कार्रवाई होती तो शायद जिंदगियां बच सकती थीं। तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि बतौर नेता प्रतिपक्ष वे हर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं, चाहे वह दुष्कर्म, हत्या या शहीदों का मामला हो।
उन्होंने सरकार की संवेदनहीनता पर तंज कसते हुए कहा कि नीतीश सरकार में न सुनवाई है, न कार्रवाई। रहस्यमयी ‘राज’ की बात करने वाली सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वह ‘राज’ क्या है। तेजस्वी ने आकाशीय बिजली से प्रभावित चौसा के पीड़ितों को आरजेडी की ओर से सहायता राशि दी और हत्या के शिकार राजा नेता अर्जुन यादव के परिवार से मिलकर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
दौरे के दौरान तेजस्वी ने सरकार पर जनता के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया और कहा कि जो सरकार पीड़ितों से नहीं मिलती, वह विश्वास नहीं जीत सकती। उन्होंने वादा किया कि आगामी विधानसभा सत्र में वे शहीदों के लिए नीति, अपराध और शासन की बदहाली जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे। अंत में, उन्होंने जनता से एकजुट होकर अपने हक के लिए लड़ने की अपील की, क्योंकि लोकतंत्र में जनता की आवाज ही सबसे बड़ी ताकत है।


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