द जनमित्र | शशि
चुरामनपुर गांव में एक चौकाने वाली घटना ने सबको सकते में डाल दिया है। सोमवार की शाम एक नवविवाहिता नेहा देवी ने अपने घर में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। नेहा की शादी इसी साल 20 अप्रैल को उमेश सिंह के साथ हुई थी, और महज कुछ महीनों बाद यह हृदयविदारक घटना सामने आई।








बताया जा रहा है कि शाम करीब 5 बजे जब उमेश घर लौटे, तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। बार-बार आवाज देने और कोशिश करने के बावजूद जब दरवाजा नहीं खुला, तो उनकी नजर खिड़की पर गई। वहां का मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई—नेहा फंदे पर लटकी थी। उमेश ने तुरंत अपने पिता धनपति सिंह और परिजनों को बुलाया, दरवाजा तोड़ा गया, और नेहा को नीचे उतारा गया। परिजनों का कहना है कि उस वक्त नेहा की सांसें चल रही थीं, मगर अस्पताल पहुंचते-पहुंचते डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, लेकिन आत्महत्या की वजह अब तक रहस्य बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि नेहा का किसी से कोई झगड़ा नहीं था, और वह सामान्य जीवन जी रही थी। फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया? थानाध्यक्ष से संपर्क न हो पाने के कारण पुलिस का पक्ष सामने नहीं आ सका।
गांव में सन्नाटा पसरा है, और हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है। नेहा के जाने का गम पूरे गांव को साल रहा है, और लोग बस यही सवाल पूछ रहे हैं—आखिर क्यों?


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