राजनीति

राहुल गाँधी के सामने झुकने को विवश हुई केंद्र सरकार

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द जनमित्र | शशि

कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेता राहुल गांधी लंबे समय से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को जनसंख्या के आधार पर हिस्सेदारी और भागीदारी का पाठ पढ़ाने की कोशिश करते रहे हैं। आखिरकार, देर से ही सही, मोदी सरकार ने राहुल गांधी के इस सुझाव को स्वीकार करते हुए उनकी दूरदर्शिता के आगे नतमस्तक होने का फैसला किया। यह बातें बक्सर सदर से कांग्रेस विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने कही, जब केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना कराने की घोषणा की।




मुन्ना तिवारी ने आगे कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने अपनी जनसभाओं में इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से उठाया था। विपक्ष के नेता बनने के बाद भी, सदन में अपने पहले भाषण में उन्होंने साफ कहा था कि सरकार को जातिगत जनगणना के लिए मजबूर कर देंगे। आज उनके द्वारा देश भर में इस मांग को लेकर जगाई गई जागरूकता का ही नतीजा है कि सरकार बैकफुट पर आई और उनकी बात मान ली। राहुल गांधी बार-बार कहते रहे हैं कि “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी,” लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार इसे नकारती रही। अब केंद्रीय कैबिनेट ने जनसंख्या के साथ-साथ जातिगत जनगणना को मंजूरी दे दी है, जिससे निश्चित रूप से वंचित समाज को उनका हक मिलेगा। हम इसे सही तरीके से लागू कराने के लिए नजर रखेंगे और बिहार में जो अधूरी जातिगत जनगणना हुई है, उसे भी सरकार बनते ही पूरा करवाएंगे। इससे वंचित परिवारों को दो लाख रुपये देने का हमारा वादा पूरा होगा। उन्होंने कहा कि रोजगार और नौकरियों के मुद्दे पर भी हम मोदी सरकार को पीछे धकेलेंगे और नियुक्तियां लाने के लिए मजबूर करेंगे।
इसके साथ ही, मजदूर दिवस पर उन्होंने सभी मजदूर भाइयों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि कांग्रेस पार्टी आपके हक की आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी।

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