द जनमित्र न्यूज डेस्क
जिले के कृष्णाब्रह्म थाना इलाके में 17 साल के विकास कुमार, जिसे लोग अरविंद कुमार के नाम से भी जानते थे, की हत्या के मामले में पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है, जबकि सात अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। डुमरांव के एसडीपीओ आफाक अख्तर अंसारी ने बताया कि यह केस शुरू में एक पहेली जैसा था, लेकिन तकनीकी टीम की लगन और मेहनत ने इस हत्याकांड के राज से पर्दा उठा दिया।


लालगंज कड़वी की रहने वाली संतरा देवी का बेटा विकास 14 अक्टूबर 2024 को अपने दोस्त से मिलने के लिए घर से निकला था। मगर अगले दिन, 15 अक्टूबर को उसकी लाश टुड़ीगंज रेलवे स्टेशन के पास पड़ी मिली। पुलिस की छानबीन में पता चला कि शराब को लेकर हुए झगड़े ने इस खौफनाक वारदात को जन्म दिया। आरोपियों ने विकास को नया भोजपुर के पास बुलाया, फिर पार्टी का बहाना बनाकर उसकी जान ले ली और शव को रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया।
पकड़ा गया एक, बाकी सात फरार
पुलिस ने 29 मार्च 2025 को मुफस्सिल थाना इलाके के गुरुदास मठिया के रहने वाले पवन कुमार पाण्डेय को धर दबोचा। पूछताछ में उसने कबूल किया कि इस हत्या में आठ लोग शामिल थे। बाकी फरार आरोपियों के नाम हैं- अंकित राय, अनुराग कुमार, मयंक, रोहित, आकाश, अंकित यादव और पियूष कुमार। पवन पाण्डेय का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और आर्म्स एक्ट जैसे कई मामले पहले से दर्ज हैं।
पुलिस ने भरोसा जताया है कि बचे हुए फरार आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग अब पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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