राजनीतिस्थानीय

पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष की बरसी मनी

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द जनमित्र | बिमल कुमार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय, अहिरौली में एक भावपूर्ण पुण्यतिथि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय बबन उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह कार्यक्रम नव मनोनीत जिला उपाध्यक्ष निर्भय राय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री लक्ष्मण शर्मा ने किया। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने स्वर्गीय बबन उपाध्याय के योगदान को याद करते हुए उनकी स्मृति को नमन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय बबन उपाध्याय के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनके चित्र के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभा में वक्ताओं ने स्वर्गीय उपाध्याय के जीवन, उनके संघर्ष और भाजपा के प्रति उनकी निष्ठा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में स्वर्गीय बबन उपाध्याय को भाजपा का एक सच्चा सिपाही और समर्पित नेता बताया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय उपाध्याय ने अपने कार्यकाल में पार्टी के सबसे कठिन समय में नेतृत्व संभाला था। उस दौर में जब भाजपा को मजबूत आधार की जरूरत थी, तब उन्होंने अपनी संगठनात्मक क्षमता और कार्यकर्ताओं के प्रति अपनत्व के भाव से पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि उनका कार्यकाल और उनकी कार्यशैली भाजपा के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। उनके प्रयासों से पार्टी के कार्यकर्ताओं में एकता और आत्मविश्वास का संचार हुआ, जिसका लाभ संगठन को लंबे समय तक मिला।
स्वर्गीय बबन उपाध्याय का जन्म 1946 में भरखरा गांव में हुआ था। उनका जीवन सादगी और संघर्ष का प्रतीक रहा। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े बबन उपाध्याय ने अपने जीवन के शुरुआती दिनों से ही सामाजिक कार्यों में रुचि दिखाई और बाद में भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़कर अपने क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने का बीड़ा उठाया। उनके नेतृत्व में भाजपा ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए जिले में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की। वक्ताओं ने उनके इस योगदान को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने यह भी बताया कि स्वर्गीय उपाध्याय न केवल एक कुशल संगठनकर्ता थे, बल्कि एक संवेदनशील और दूरदर्शी नेता भी थे। उनके पुत्र ज्ञान प्रकाश उर्फ मिन्टु उपाध्याय ने अपने पिता की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनके पिता का जीवन उनके लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश है और वे उनके दिखाए रास्ते पर चलने का प्रयास करेंगे।
इस पुण्यतिथि सभा में कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। इन सभी ने स्वर्गीय उपाध्याय के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन भी किया।

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