द जनमित्र । बक्सर
बिहार सरकार द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए घोषित किए गए बजट से नाखुश भाकपा (माले) ने इसके विरोध में प्रतिवाद मार्च निकाला। इसके तहत बिहार बजट की प्रतियाँ भी जलाई गई। पार्टी की ओर से 5 से 7 मार्च तक विरोध दिवस के रूप में मनाया जाएगा।


पार्टी की इसी विचारधारा को डुमराँव से पार्टी विधायक अजीत कुशवाहा ने विधानसभा में भी रखा। उन्होंने कहा कि इस बजट में आम लोगों की मांगों को पूरी तरह से अनसुना किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में आशा, जीविका, रसोइया, आंगनवाड़ी, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़ी महिलाओं की कर्ज माफी, आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे सफाईकर्मी, कार्यपालक सहायक और अन्य स्कीम वर्करों सहित ठेका पर काम कर रहे लाखों लोगों की लोकप्रिय मांगों को कोई जगह नहीं मिली है। 200 यूनिट फ्री बिजली, सामाजिक सुरक्षा की राशि 2500 रु. करने, महिलाओं को 3000 रु. सहायता राशि देने, गरीबों के वास–आवास, पक्का मकान आदि सवालों को भी बजट में संबोधित नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि वो अब सत्तर साल के हो चुके हैं और उन्हें उम्मीद थी कि वो अपनी उम्र वाले लोगों के बारे में तो सोचेंगे। लेकिन उन्होंने वृद्ध व विकलांग जनों के पेंशन के बारे में भी नहीं सोचा। महिला सशक्तिकरण उनका प्रिय विषय रहा है। लेकिन राज्य की महिलाएं जिन मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं उनको नजरअंदाज़ कर दिया गया है।

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