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भारत-पाक की सीमा पर तैनात जवान की ब्रेन हेमरेज से हुई मौत. सैनिक सम्मान के साथ बक्सर मुक्ति धाम में दी गई अंतिम विदाई.

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भारत-पाक की सीमा पर तैनात जवान की ब्रेन हैमरेज से हुई मौत. छूटी के दौरान अपने गांव आया था जवान. मंदिर जाने के दौरान हुआ था ब्रेनहैमरेज. सैनिक सम्मान के साथ वृहस्पतिवार की देर शाम बक्सर मुक्तिधाम में दी गई अंतिम विदाई. नया भोजपुर का रहने वाला था दिवंगत जिले का लाल.

द जनमित्र | सरिता कुमारी

बक्सर : जिले के नया भोजपुर ओपी थाना क्षेत्र के स्थानीय गांव निवासी सोनू कुमार ठाकुर नामक सेना के जवान की मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके ब्रेन हेमरेज से मौत होने की पुष्टि हुई है. वह बिहार रेजिमेंट के सेकेंड बटालियन में कार्यरत थे और भारत-पाकिस्तान की सीमा पर तैनात थे. वहां तबीयत खराब होने के बाद वह अपने गांव आए और फिर उनकी मौत हो गई. गुरुवार की शाम सैन्य सम्मान के साथ मृत सेना के जवान का अंतिम संस्कार जिला मुख्यालय स्थित चरित्रवन के मुक्तिधाम में किया गया. सैन्य अधिकारियों और मृतक के साथ ही जवानों ने उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया. इस दौरान गंगा घाट पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे. सभी नम आंखों से दिवंगत सैनिक को अंतिम विदाई दी.

मंदिर जाने के दौरान हुआ था ब्रेनहैमरेज

नया भोजपुर गांव निवासी मंगल प्रसाद ठाकुर का पुत्र सोनू ठाकुर की मृत्यु मंगलवार की दोपहर गांव में ही हो गई थी. परिजनों की माने तो ड्यूटी पर जाने से पहले मंदिर में भगवान का दर्शन करने के लिए गया था. लेकिन रास्ते मे ही अचेत होकर गिर पड़ा था. लोगो ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जंहा डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ब्रेन हेमरेज से मौत होने की बात सामने आई है. दिवंगत सैनिक के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे बिहार रेजीमेंट के सेकेंड बटालियन के नायक सूबेदार सुशील कुमार ने बताया कि, सोनू ड्यूटी में थे तभी उनके तबीयत खराब होने की बात सामने आई इसके बाद वह छुट्टी लेकर घर आ गए थे.

घटना के दिन मंदिर गए थे जवान

मृतक के बड़े भाई पवन कुमार ने बताया कि सोनू कुमार को फिर से ड्यूटी जॉइन करनी थी. जिसके लिए वह तैयार थे और जाने से पहले भगवान का दर्शन करने मंदिर में गए थे. इसी बीच ठंड की वजह से उनकी मौत हो गई. बाद में चिकित्सकों ने ब्रेन हेमरेज की पुष्टि की है

10 माह पूर्व ही हुई थी सोनू की शादी

मृतक के बड़े भाई ने बताया कि सोनू की शादी 10 माह पूर्व ही हुई थी. वह वर्ष 2014 से ही सेना में नौकरी करते थे. लेकिन किसे पता था की शादी के 10 माह के भीतर ही उनकी मौत हो जाएगी.

गौरतलब है कि सोनू की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. वही गांव के दोस्तो को भी भरोसा नही हो रहा है कि अब उनका दोस्त उनके बीच नही रहा.

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