जनमित्र/बक्सर: आजादी की लड़ाई मे सन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजों द्वारा डुमराँव में स्थापित सरकारी थाने पर तिरंगा फहराने वाले डुमरांव के चार अमर शहीदों शहीद कपिलमुनि कहार, शहीद गोपालजी कमकर, शहीद राम दास लोहार एवं शहीद राम दास सोनार की शहीद पार्क में अवस्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भाकपा (माले) के डुमराँव विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने श्रद्धांजली दी. विधायक ने बताया कि देश को आजाद कराने के लिए ऐसे ही क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के तमाम यातनाओं को झेलते हुए अंग्रेजी सरकार की चूलें हिला दी थी. जब 16 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन अपने चरम पर था, डुमरांव में भी सैकड़ो क्रांतिकारी शहीद कपिलमुनि कर नेतृत्व में थाना पर तिरंगा लहराने के लिए आगे बढ़ रहे थे तभी थानाध्यक्ष ने गोली चलवा दी. जिसमें कपिलमुनि कहार, रामदास लोहार, रामदास सोनार तथा गोपालजी कमकर शहीद हो गये. गोलियों का अपने फौलादी सीने से सामना करते हुए क्रांतिकारियों ने थाना पर देश का तिरंगा लहराया.
विधायक ने कहा कि सरकार ने आजादी के लिए जान गवाने वाले शहीदों के परिवारों की उपेक्षा ही की है. आज देश की सत्ता पर काबिज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा इस तरह से प्रौपेगैंडा चला रही है कि इस देश का निर्माण या तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा हुआ है या फिर राष्ट्र ही 2014 से पैदा हुआ है. जिसने देश को आज़ाद कराने के लिए चलाए जा रहे जन आंदोलन का विरोध किया, जिसने देश के राष्ट्रीय झंडे और संविधान का विरोध किया और जिसके लोगों ने देश की जनता द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के बाद ख़ुशियां मनाईं और मिठाइयां बांटीं. आज हमारे समय में राजनीतिक बहसों के लिए इतिहास को बेमानी चीज़ साबित कर खुद को ‘राष्ट्रवादी’ और बाकी सब को ‘देशद्रोही’ साबित करने में लगी है. लेकिन देश का युवा अपने शहीदों को और अपने इतिहास को कभी भुला नहीं पायेगा.

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