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खराब मौसम से परेशान है किसान, कृषि वैज्ञानिक ने दी यह सलाह.

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जनमित्र/बक्सर: पिछले कुछ दिनों से जिला शीतलहर की चपेट में है. कोहरा और पाला पड़ने से आलू, टमाटर, मसूर, सरसों और गेंहू की फसल खराब होने लगी है. जिसको लेकर जिले के किसान परेशान हैं. किसानों की मानें तो यही हालात कुछ दिन और रहे तो 80 प्रतिशत से अधिक आलू की फसल बर्बाद हो जाएगी.

क्या कहते है किसान
सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों की माने तो, दिसम्बर से लेकर 15 जनवरी तक आलू ,सरसों, मसूर, अरहर और टमाटर की फसल का उत्पादन पूर्ण रूप से मौसम पर निर्भर करता है. उन्नतीस दिसम्बर को पूरे जिले में बारिश हुई, उसके बाद लगातार शीतलहर चल रहा है जिसके कारण फसलों को पाला रोग मारने लगा है. दो साल कोरोना वैश्विक महामारी के कारण फसल खेतो में ही रह गया, इस बार उम्मीद थी कि बाहर से व्यपारी जिले में आएंगे, उससे पहले ही शीतलहर ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. किसानों का कहना है कि “फसलों को पाला मार रहा है फसलों का नुकसान होने का डर अभी से सताने लगा है. दवा डाल कर भी थक चुके हैं. सरकार भी हमारे लिए कोई प्रबंध नहीं कर रही है.

क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

परेशान किसानों की समस्या को लेकर, जब कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर मन्धाता सिंह से पूछा गया तो उन्होंने, किसानों की समस्याओं को लेकर कहा, कि इस साल अधिक शीतलहर के कारण फसल झुलस रहा है. जिले का कोई भी किसान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से फोन, व्हाट्सप्प या अन्य किसी भी माध्यम से संपर्क कर सुझाव ले सकते है. धूप निकलने के साथ ही किसानों की यह परेशानी दूर हो जाएगी. फिलहाल किसान वैज्ञानिको के परामर्श अनुसार दवा की छिड़काव करें.


हम आपको बताते चले कि जिले में 2 लाख 9 हजार रजिस्टर्ड किसान है, जिनके द्वारा 1 लाख 6 हजार हेक्टेयर भूमि पर रवि एवं सब्जी फसल की खेती की गई है. सब्जी उत्पादन में विशेष पहचान रखने वाले जिले के सिमरी एवं डुमरांव प्रखण्ड के किसानों की टमाटर, एवं आलू की फसल काफी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है.

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