द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश और तेज पुरवाई हवा ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग परेशान हैं। शुक्रवार देर रात तेज हवा के थपेड़ों में शहर के दो अलग-अलग स्थानों पर पुराने पेड़ सड़क पर गिर पड़े। इससे कुछ समय तक यातायात ठप रहा। पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। शहर के कई इलाकों में बिजली न रहने से लोग परेशान हुए। सौभाग्य से इन दोनों घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ।

शनिवार को भी आसमान घने बादलों से ढका रहा और बारिश की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि 26 सितंबर को बक्सर में मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में 25 सितंबर को 31.75 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि 26 सितंबर के लिए 33.13 मिमी बारिश का अनुमान है। बक्सर प्रखंड में हवा की रफ्तार अधिकतम करीब 31 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।
शुक्रवार देर रात पहली घटना मॉडल थाना के पास पंचमुखी महावीर मंदिर के निकट घटी। यहां तेज हवा के झोंके में करीब 120 साल पुराना विशाल पेड़ अचानक सड़क पर धराशायी हो गया। सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। पेड़ की चपेट में आकर बिजली के पोल और तार भी टूट-फूट गए। दूसरी घटना महिला थाना और गोला बाजार के पास हुई जहां एक और पुराना पेड़ तेज हवा के कारण सड़क पर गिर पड़ा। इसकी शाखाओं और तनों से सड़क जाम हो गई और वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई। दोनों जगहों की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों ने सड़क साफ कराने और बिजली व्यवस्था को सुरक्षित करने का काम शुरू कर दिया।
पेड़ गिरने से बिजली के उपकरण क्षतिग्रस्त होने के बाद बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी। इससे सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ जगहों पर पेड़ की टहनियां सड़क पर पड़ी रहने से वाहनों को निकलने में दिक्कत आई। बारिश और तेज हवा के बीच सड़क से पेड़ हटाना भी आसान नहीं रहा। लोगों का मानना है कि पुराने पेड़ों की नियमित जांच होनी चाहिए और कमजोर पेड़ों को समय रहते चिन्हित करना जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों पेड़ बहुत पुराने थे और आसपास नाला निर्माण के दौरान मिट्टी खोदने से उनकी जड़ें कमजोर पड़ गई थीं। हालांकि इस बाबत संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लोगों ने बताया कि पहले भी नगर थाना के पास नाला निर्माण के दौरान एक पेड़ दिन में ही गिर चुका था। उस समय भी स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों की सुरक्षा को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि नाला खोदते समय पुराने पेड़ों की जड़ों का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि उनकी पकड़ ढीली न हो।
बारिश का असर बक्सर-कोचस स्टेट हाईवे पर भी साफ दिख रहा है। यादव मोड़ पशुमेला के पास सड़क के एक हिस्से में पानी भर गया है। लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश से जलजमाव बढ़ता जा रहा है। छोटे वाहनों को पानी में से होकर गुजरना पड़ रहा है जबकि दोपहिया चालकों को ज्यादा मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। जलजमाव वाले हिस्से में वाहन धीमी गति से चलाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सड़क पर जमा हो रहा है। अगर बारिश और तेज हुई तो यादव मोड़ के पास स्थिति और बिगड़ सकती है तथा यातायात और अधिक प्रभावित हो सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग से जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
लगातार बारिश के बीच पेड़ गिरने, बिजली व्यवस्था बाधित होने और मुख्य सड़कों पर जलजमाव की समस्या से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से गिरे पेड़ों को जल्द हटाने, क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था ठीक करने और जलजमाव वाले स्थानों से पानी निकालने की व्यवस्था करने की अपील की है।
मौसम विभाग ने शनिवार को बिहार के कई जिलों में बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की संभावना जताई है। बक्सर भी प्रभावित जिलों में शामिल है। 26 सितंबर को मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 27 सितंबर से मौसम में कुछ सुधार की उम्मीद है हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में पुराने और कमजोर पेड़ों के आसपास सावधानी बरतने तथा जलजमाव वाले रास्तों पर वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

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