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घटिया खाद्य पदार्थ के मामलों पर प्रशासन की सख्तीः दुकानें सील, सैंपल जांच को भेजे गए

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले के राजगोला इलाके में नकली सरसों तेल बनाने की शिकायत मिलने के बाद गुरुवार को प्रशासन ने अचानक छापेमारी की। एसडीएम की अगुवाई में टीम ने आधा दर्जन से ज्यादा किराना दुकानों पर पहुंचकर सरसों तेल, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल जमा किए। बाजार में इस खबर के फैलते ही हड़कंप मच गया।

अधिकारियों ने दुकानदारों से खरीद-बिक्री के कागजात और स्टॉक रिकॉर्ड भी खंगाले तथा गुणवत्ता व स्रोत को लेकर सतर्कता बरतने की हिदायत दी। जांच में मिलावट या नियम उल्लंघन मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। सैंपल अब जांच के लिए भेजे जा रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। प्रशासन का जोर बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने पर है।

छापे के दौरान कई दुकानदार अपने रिकॉर्ड दुरुस्त करते दिखे और काफी देर तक बाजार में अफरातफरी बनी रही। अधिकारियों ने नियमित रूप से स्टॉक और खरीद-बिक्री का हिसाब अपडेट रखने को कहा। चीनी के कारोबारियों को भी निर्देश दिए गए कि 4000 क्विंटल से ज्यादा स्टॉक न रखें और रजिस्टर लगातार अपडेट करें। सीमा से अधिक स्टॉक या रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। एसडीएम के निर्देश पर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरसों तेल, मसालों समेत अन्य खाद्य सामग्री की जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। मिलावटखोरी रोकने के लिए दुकान जांच, दस्तावेज पड़ताल और सैंपल लेने का सिलसिला जारी रहेगा।

उधर कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियांव गांव में एक ही परिवार के नौ लोगों की मिठाई खाने के बाद तबीयत बिगड़ गई। सभी को गुरुवार को डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उल्टी-दस्त की शिकायत पर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अरियांव निवासी धनेश्वर सिंह ने बुधवार शाम डुमरांव के प्रजापति मिष्ठान भंडार से करीब दो किलो मिठाई खरीदी थी, जिसमें एक किलो क्रीम मिठाई और एक किलो काला जामुन शामिल था। परिवार में बेटे के जन्म की खुशी में यह मिठाई लाई गई थी। गुरुवार को धनेश्वर सिंह की माता गिरजा देवी ने इसे रिश्तेदारों और पड़ोसियों में बांटा। खाने के कुछ देर बाद ही नौ लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। बीमारों में अंजलि सिंह, प्रियंका सिंह, रेयांश, प्रीति सिंह, अनिल कुमार सिंह, प्रीति कुमारी, गीता देवी, लालबाबू सिंह और रीना देवी शामिल हैं। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर टीम निगरानी कर रही है।

सूचना मिलते ही एसडीएम राजीव कुमार और डीसीएलआर टेश लाल सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मरीजों का हालचाल लिया और रक्त के सैंपल जांच के लिए भेजने का आदेश दिया। लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक होने और मरीज बाद में पहुंचने के कारण उनकी अनुपस्थिति पर एसडीएम ने नाराजगी जताई तथा तुरंत बुलाया। इसके बाद सैंपल लिए गए।

इसके बाद अधिकारी प्रजापति मिष्ठान भंडार पहुंचे। दुकान में साफ-सफाई और स्वच्छता के नियमों में लापरवाही मिली तथा संचालक खाद्य सुरक्षा लाइसेंस भी नहीं दिखा सके। एसडीएम ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को मिठाई का सैंपल लेकर पटना भेजने का निर्देश दिया और जांच रिपोर्ट आने तक दुकान सील कर दी गई। दुकानदार राहुल प्रजापति का कहना है कि खरीदते समय ग्राहक ने स्वाद भी चखा था। उन्होंने आशंका जताई कि मिठाई रातभर सही तरीके से न रखे जाने से खराब हुई होगी, हालांकि फूड पॉइजनिंग का कोई और कारण भी हो सकता है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि नौ लोगों में फूड पॉइजनिंग की शिकायत आई है और रिपोर्ट आने तक दुकान सील रहेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी तथा मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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