द जनमित्र डेस्क
सिमरी प्रखंड में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य को और अधिक विश्वसनीय तथा गलती-रहित बनाने के लिए सोमवार को प्रखंड मुख्यालय के सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस दौरान सर्वे विभाग के अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग मांगा और नई सर्वे प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की।
बैठक को संबोधित करते हुए सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी शशिशेखर पाण्डेय ने बताया कि सिमरी प्रखंड में भूमि सर्वे का काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार सर्वे की प्रक्रिया में खाता आधारित वंशावली को वैध माना जाएगा, जिससे भूमि रिकॉर्ड को बेहतर ढंग से व्यवस्थित और सटीक बनाया जा सकेगा।

पाण्डेय ने बताया कि प्रत्येक पंचायत में आमसभा आयोजित कर रैयतों द्वारा जमा की गई वंशावली का सत्यापन पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाएगा। इसका मकसद भविष्य में किसी भी तरह की गलती, आपत्ति या भूमि विवाद को जड़ से समाप्त करना है।
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि भूमि सर्वे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जो पुराने जमीन विवादों को कम करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे सर्वे टीम को समय पर सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएं और इस कार्य में पूरा सहयोग दें।
बैठक में प्रमुख प्रतिनिधि विजय शंकर दुबे, मुखिया प्रेमसागर कुंवर, धर्मराज चौरसिया, ललन प्रसाद, बबन प्रसाद, दिनेश साह, अशोक धोबी सहित कई पंचायतों के जनप्रतिनिधि और सर्वे कर्मी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरे सर्वेक्षण के दौरान पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है। इसके लिए पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विभाग का प्रयास है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और सुव्यवस्थित तरीके से पूरी हो, ताकि लोगों को आने वाले समय में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।


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