घटना

बक्सर के तीन मजदूर गाजीपुर में ट्रेन की चपेट में आए, तीनों की मौत

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द जनमित्र डेस्क

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में गहमर और बारा रेलवे स्टेशन के बीच रविवार शाम इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से बक्सर के चौसा थर्मल पावर प्लांट में काम कर रहे तीन बिहारी मजदूरों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के केरमा डीह तुर्की निवासी जयनाथ सहनी (33), वैशाली जिले के किशुनपुर टेलोर निवासी पप्पू कुमार (33) और मुजफ्फरपुर जिले के किशुनपुर मधुबन निवासी गुलचंद कुमार (38) के रूप में हुई है। तीनों एल एंड टी के अंडर इंसुलेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में दैनिक मजदूरी पर काम कर रहे थे और उन्हें प्रतिदिन 630 रुपये मिलते थे।

गहमर रेलवे स्टेशन के डिप्टी स्टेशन मास्टर ने मेमो के जरिए पुलिस को सूचना दी कि ट्रेन संख्या 19321 इंदौर-पटना एक्सप्रेस ने डाउन ट्रैक पर तीन व्यक्तियों को रौंद दिया। सूचना मिलते ही गहमर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव के टुकड़े होने के कारण उन्हें इकट्ठा कर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

परिजनों के अनुसार रविवार को छुट्टी होने के कारण तीनों साथी भतौरा बाजार खरीदारी करने गए थे। वापसी में रेलवे ट्रैक के रास्ते लौट रहे थे, तभी हादसा हो गया।

गुलचंद कुमार के भाई दीपचंद ने बताया कि गुलचंद पिछले एक साल से प्लांट के इंसुलेशन विभाग में खलासी के रूप में काम कर रहा था। उसके साथ पप्पू कुमार भी काम करता था। मौत की खबर सुनकर गुलचंद की पत्नी चिंकी कुमारी बेहोश हो गई। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं।

जयनाथ सहनी के साले अमरनाथ ने बताया कि जयनाथ करीब दो साल से यहां काम कर रहे थे। उनके परिवार में पत्नी पिंकी देवी और तीन बेटियां व एक बेटा हैं। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना की जानकारी देते हुए कंपनी के मैनेजर अभय तिवारी ने बताया कि तीनों मजदूरों का इंश्योरेंस कराया गया था, लेकिन हादसा कंपनी परिसर के बाहर होने से इंश्योरेंस क्लेम नहीं मिलेगा। हालांकि कंपनी निजी तौर पर परिजनों को कुछ आर्थिक मदद देगी।

गाजीपुर नगर के सीओ शेखर सेंगर ने लोको पायलट विकास कुमार से बात की। लोको पायलट ने बताया कि तीनों व्यक्ति एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर डाउन लाइन पर चल रहे थे और सामने से आ रही अप ट्रेन के यात्रियों को हाथ हिला रहे थे। पीछे से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इंदौर-पटना एक्सप्रेस आ गई। चालक ने बार-बार हॉर्न बजाया और सामने वाली ट्रेन के चालक ने भी हॉर्न दिया, लेकिन तीनों ट्रैक से नहीं हटे। तेज रफ्तार के कारण इमरजेंसी ब्रेक लगाना संभव नहीं हो सका और तीनों ट्रेन की चपेट में आ गए।

घटना की सूचना मिलते ही उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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