जनमित्र/बक्सर: बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री तथागत हर्षवर्धन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि बक्सर सदर विधायक के नाम निबंधित वाहन में कथित तौर पर शराब की जब्ती परिस्थिति अनुसार एक बड़ी साजिश का हिस्सा लगता है. जिसका उद्भेदन किया जाना न्याय हित में आवश्यक है. बक्सर सदर के विधायक संजय कुमार तिवारी के वाहन से राहत सामग्री का वितरण हो रहा था. यह तथ्य प्रशासन के भी संज्ञान में है वैसी स्थिति में उक्त वाहन से विधानसभा क्षेत्र से बाहर कथित तौर पर शराब जप्त किया जाना किसी प्रकार से विश्वसनीय प्रतीत नहीं होता है. आगे श्री हर्षवर्धन ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सार्वजनिक कार्यकर्ता का वाहन कभी भी निजी नहीं होता है. यह स्थानीय सत्य है कि सार्वजनिक जीवन के व्यक्ति के वाहन सार्वजनिक कार्य के लिए प्रयोग होते हैं वैसी स्थिति में कोई भी सामान्य व्यक्ति किसी भी प्रतिबंधित सामग्री को माननीय विधायक के वाहन में दुर्भावना एवं साजिश के तहत प्लान करने में सक्षम है. श्री हर्षवर्धन ने इसे एक राजनैतिक षड्यंत्र की संज्ञा देते हुए आशा व्यक्त किया की विधायक इन मिथ्या आरोपों से निश्चित ही मुक्त होंगे. वह षड्यंत्रकारी पकड़े जाएंगे श्री तथागत हर्षवर्धन ने पुलिस अधीक्षक से यह मांग किया कि संबंधित प्रकरण में प्रत्येक संभावना पर विवेचना किया जाना सुनिश्चित करें. यह संपूर्ण प्रकरण चुनावी वर्ष में राजनैतिक कारणों से रचा गया साजिश भी हो सकता है. अतः निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर दोषी षड्यंत्रकारी के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित हो.

वहीं दूसरी ओर इंटक जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी चौबे ने इसे साजिश करार दिया है. श्री चौबे ने कहा कि सदर विधायक की गाड़ी राशन सामाग्री बांटने के लिए भेजी गयी थी. लेकिन, उसमें शराब की बरामदगी आश्चर्यजनक है. सदर विधायक की लोकप्रियता बीजेपी के नेताओं से बर्दाश्त नहीं हो रही है. जिसके कारण विधायक को फंसाया जा रहा है. नीतीश सरकार में शराबबंदी के बावजूद शराब की होम डिलिवरी हो रही है. सरकार ने कहा था कि जिस क्षेत्र में शराब की बिक्री पकड़ी जायेगी, वहां के थानेदार पर कार्यवाई की जायेगी पर ऐसा नहीं हो रहा है. इंटक नेता श्री चौबे के अलावे राजेंद्र पांडेय, योगेंद्र पांडेय, रामकृपाल पांडेय ने इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की.

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