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माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द करना दुर्भाग्यपूर्ण है – अभाविप

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जनमित्र/बक्सरः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिहार ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण व आत्मघाती कदम ठहराया. जिसको लेकर के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व बिहार बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखकर तुरंत पुनर्विचार का आग्रह किया. संगठन के जिला संयोजक त्रिभुवन पाण्डेय ने कहा STET परीक्षा की पूरे घटनाक्रम के अध्ययन हेतु अभाविप ने एक आंतरिक अध्ययन दल गठित किया. जिसके रिपोर्ट के अनुसार BSEB के द्वारा रिजल्ट प्रकाशित होने के समय अचानक से परीक्षा रद्द किया जाना बिहार सरकार के ऊपर प्रश्नचिन्ह लगाती है. गठित अध्यन दल के अनुसार Bihar STET 2019 की परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन निकला तो लगभग चार पन्नों में सारी जानकारी, क्रमशः लिखा हुआ था. 28 जनवरी को जब एग्जाम लिया गया तो सभी सेन्टर पर त्रीस्तरीय जांच की व्यवस्था की गई. प्रत्येक परीक्षा हॉल में जेमर(इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे फोन, ब्लूटूथ के प्रयोग को रोकने वाला यंत्र) लगाया गया. परीक्षा के संपूर्ण समय का वीडियो रिकॉर्डिंग किया गया. जिस सेंटर पर बच्चे परीक्षा का बहिष्कार किए थे या फिर देर से जाने के कारण गेट लॉक कर दिया गया था. उन सेंटरों पर पुनः परीक्षा फरवरी में ले ली गई. फरवरी के परीक्षा के बाद कभी भी किसी भी न्यूज़ पेपर में या किसी छात्र संगठन या किसी परीक्षार्थी के समूह द्वारा परीक्षा का निम्न स्तर पर भी, ना तो बहिष्कार किया. परीक्षा समिति के अध्यक्ष द्वारा 15 मई तक हर हाल में रिजल्ट घोषित करने की बात कही है.

 

फिर अचानक से 16 मई को 4 सदस्य टीम के बारे में जानकारी देते हुए परीक्षा को रद्द करने की बात कही गई. जबकि परीक्षा समाप्त होने के बाद बोर्ड अध्यक्ष के द्वारा यह साफ तौर पर कहा गया कि ना तो कहीं पर परीक्षा का पर्चा लीक हुआ था और ना ही परीक्षा में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ तो फिर क्या मजबूरी आई कि बिहार बोर्ड और बिहार सरकार को परीक्षा को रद्द करना पड़ा. वही विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य विवेक सिंह ने कहा कि STET एग्जाम कैंसिल के मामले में माननीय हाई कोर्ट का निर्णय जब 22 मई को आना था तो कोर्ट के निर्णय से पहले एग्जाम कैंसिल बोर्ड़ के द्वारा कैसे किया गया. प्रदेश मंत्री लक्ष्मी ने कहा कि बिहार शिक्षा व्यवस्था -भ्रष्ट तंत्र के नतमस्तक हो गई है जिसका परिणाम है कि लाखों युवाओं के भविष्य की परवाह किये बिना परीक्षा रद्द करने का आत्मघाती निर्णय लिया गया. सरकार निर्णय पर पुनर्विचार करें अन्यथा अभाविप कार्यकर्ता आंदोलन करने को बाध्य होंगे. इन तमाम मुद्दों को लेकर के काला दिवस मनाया गया. जिसको सफल बनाने में अविनाश पाण्डेय, रवि रंजन पासवान, शुभम राय, नित्यानंद पाठक, विवेक तिवारी, दिवाकर कुमार समेत सैकड़ों लोगों ने ट्वीट करके काला दिवस को #RollBackSTET को ट्वीट करके सफल बनाया.

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