जनमित्र/बक्सरः मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार ने बक्सर जिला के दो प्रखण्ड स्तरीय क्वारंटीन केन्द्रों का हाल वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए जाना. दोनो क्वारंटीन केन्द्रों से ही वीडियो कॉफ्रेसिंग का आयोजन किया गया था. कम्प्यूटर के अलावा, मोबाइल पर भी वीडियो कॉफ्रेसिंग से जुड़ने की व्यवस्था की गई थी. ताकि प्रवासी कामगारों से वार्तालाप के पश्चात क्वारंटीन केन्द्रों में की गई व्यवस्थाओं को भी सीधा देखा जा सके. प्रखण्ड क्वारंटीन केन्द्र सीनियर डी0ए0वी0 पब्लिक स्कूल, लालगंज, इटाढ़ी रोड बक्सर में जिला पदाधिकारी बक्सर, पुलिस अधीक्षक बक्सर, सिविल सर्जन बक्सर, अनुमण्डल पदाधिकारी बक्सर एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. वही दूसरी ओर केपी +2 हाई स्कूल डुमरी में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमण्डल पदाधिकारी डुमराँव के साथ अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. सीनियर डी0ए0वी0 स्कूल से सर्वप्रथम जिला पदाधिकारी अमन समीर ने प्रखण्ड स्तरीय क्वारंटीन केन्द्रों में दी जा रही सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी मुख्यमंत्री को दी. उन्होंने ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रखण्ड स्तरीय क्वारंटीन केन्द्रों पर प्रातःकाल में कुशल प्रशिक्षकों के माध्यम से करवाऐ जा रहे योगाभ्यास एवं व्यायाम आदि से आवासित प्रवासी कामगार एवं मजदूर भाई लाभान्वित हो रहे हैं. पूरे जिला में 374 क्वारंटीन केन्द्रों पर कुल 25420 प्रवासी कामगार एवं मजदूरों के रहने की जानकारी दी गई. इनमें से 4338 श्रमिकों को तय समय सीमा के पश्चात् छोड़ दिया गया हैं. वतर्मान में 20081 प्रवासी कामगारों, मजदूरो के आवासित होने की जानकारी दी गई. स्कील मैपिंग के क्रम में कुल 8745 कामगार स्कील वाले पाए गए.

7128 कामगार अनस्कीलड पाए गए. इसके अलावा अन्य छोटे-मोटे कार्य करने वालों की संख्या 4036 पाई गई. जिला पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि क्वारंटीन केन्द्रों पर वोटर आई0डी0 बनाने हेतु कार्य करवाया जा रहा है। इसके मुख्यमंत्री ने सीनियर डी0ए0वी0 स्कूल के प्रवासी कामगार से वार्ता करते हुए पूछा कि वे कहां से आए है? जबाव में कामगार ने बताया कि वे सूरत से आए हैं. वहाँ कब से रह रहे थे के जबाव में बताया गया कि वे तीन-चार साल से वहाँ प्राइवेट कम्पनी में कार्यरत थे. परन्तु लॉक डाउन के पश्चात उसे कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था. सूरत की प्राइवेट कम्पनी उनके जैसे और लोगो की कोई मदद नहीं कर रही थी. मजबूरन वापस अपने घर वापस श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आना पड़ा. यह कहने पर कि उन्हें यहीं अपने राज्य में रोजगार मिल जाए तो अच्छा रहेगा. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार हेतु हमलोग प्रयास कर रहे हैं, ताकि किसी को भी बाहर नहीं जाना पडे़. इसी प्रकार दूसरे कामगार ने जो हैदराबाद के सिमेंट प्लांट में कार्यरत था, अपनी आप बीती बताई. तत्पशचात् जिला पदाधिकारी महोदय ने लाइव मोबाइल के जरिए सीनियर डी0ए0वी0 स्कूल में की गई व्यवस्था को स्वयं दिखाते हुए जानकारी भी देते रहे. माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने व्यवस्था से संतोष जताया. पुनः दूसरे प्रवासी केन्द्र सिमरी के केपी +2 हाई स्कूल क्वारंटीन सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से उप विकास आयुक्त ने क्वारंटीन केन्द्र पर रह रहे निवासियों एवं वहाँ की गई व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. वहाँ उपस्थित कामगार से माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने वार्तालाप करते हुए उनकी पूरी आप बीती सुनी. तत्पशचात् उन्हें अपने राज्य में ही रहने को कहते हुए जल्द ही रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया. पुनः उप विकास आयुक्त ने लाइव मोबाइल के जरिए क्वारंटीन केन्द्र की व्यवस्थाओं को दिखाते हुए जानकारी देते रहे. पूरी व्यवस्था से मुख्यमंत्री नितेश कुमार ने संतोष जाहिर किया.

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