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भरत तिवारी एनकाउंटरः न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च

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द जनमित्र डेस्क

भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में कथित फर्जी मुठभेड़ में भरत तिवारी की हत्या के मामले में युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। युवा आरोप लगा रहे हैं कि तिवारी की हत्या सुनियोजित षड्यंत्र के तहत की गई। घटना को 13 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हत्या के मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इसी बीच मंगलवार शाम बक्सर जिले के चौसा नगर पंचायत में भरत तिवारी की तेरहवीं के अवसर पर सैकड़ों युवाओं ने भव्य कैंडल मार्च निकालकर शोक व्यक्त किया और इंसाफ की पुकार लगाई।

मार्च की शुरुआत चौसा नगर पंचायत के बारे मोड़ से हुई। यह जुलूस दुर्गा मंदिर, चौसा बाजार और गढ़ही दीवाल से गुजरते हुए वापस बारे मोड़ पर समाप्त हुआ। पूरे रास्ते युवाओं के हाथों में जलती मोमबत्तियां, बैनर और पोस्टर दिखाई दिए।

प्रदर्शनकारियों ने भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस व्यवस्था के विरुद्ध ‘मुर्दाबाद’ और ‘हाय-हाय’ के नारे लगाए।

काजू मिश्रा ने मार्च के दौरान कहा कि भरत तिवारी की फर्जी एनकाउंटर में हत्या अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस अधिकारियों को कड़ी सजा देने की मांग की। मिश्रा का आरोप था कि स्थानीय व्यवस्था और प्रशासन ने ही तिवारी को हथियार उठाने के लिए मजबूर किया था।

युवाओं ने भोजपुर के एसपी को तुरंत हटाने की मांग भी की और साफ चेतावनी दी कि न्याय मिलने तक आंदोलन नहीं थमेगा।

सत्यदेव पाण्डेय ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिन पुलिसवालों पर हत्या का आरोप है, उसी टीम को मामले की जांच सौंपी गई है, जो बड़े सवाल खड़ा करता है। उन्होंने मांग की कि भरत तिवारी का मोबाइल फोन शीघ्र परिवार को सौंपा जाए, जिसमें प्रशासन के खिलाफ कई महत्वपूर्ण सबूत होने का दावा किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर प्रशासन निष्पक्ष होता तो अब तक दोषियों पर कार्रवाई हो चुकी होती। उनका आरोप है कि तिवारी ने सरेंडर करने के बाद भी गोली चलाई गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, फिर भी सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

मृत्युंजय पांडेय ने संबोधित करते हुए कहा कि भरत तिवारी की मौत ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। युवा सिर्फ श्रद्धांजलि देने नहीं, बल्कि यह संदेश देने निकले हैं कि अन्याय के खिलाफ युवा एकजुट हैं और न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार अंग्रेजों वाली ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपना रही है और समाज को अगड़ा-पिछड़ा करके बांटने की कोशिश कर रही है।

विकास राज ने कहा कि बिना किसी उचित प्रक्रिया के किसी की जान लेना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने भरत तिवारी को शोषित और वंचित वर्गों की आवाज बताया और कहा कि प्रशासन से लड़कर लोगों को न्याय दिलाने वाले तिवारी को जल्द इंसाफ मिलना चाहिए।

राकेश कुमार उपाध्याय ने कहा कि आज सैकड़ों युवा कैंडल लेकर यह दिखाने निकले हैं कि वे भरत तिवारी के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि मामले को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

कैंडल मार्च के समापन पर उपस्थित युवाओं ने एक स्वर में घोषणा की कि भरत तिवारी और उनके परिवार को पूर्ण न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

इस मौके पर चौसा नगर पंचायत के राकेश चौबे, मंटू यादव, धन्नू जायसवाल, गोलू चौबे, रिंकू पाण्डेय, विकास राज, विक्की पांडेय, टुनटुन पाण्डेय, अखिलेश पाण्डेय, विवेक चौबे, दुनिया पाण्डेय, सतीश सिंह, अंकित पाण्डेय, राजा चौबे, अखिलेश चौबे सहित सैकड़ों युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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