द जनमित्र | शशि
जिले में पड़ रही भीषण ठंड और घने कोहरे से फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने जिले सहित बिहार के कई हिस्सों में घने कोहरे और शीत दिवस की स्थिति को लेकर अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है। 26 से 28 दिसंबर तक ऑरेंज अलर्ट जबकि 29 दिसंबर के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान घना कोहरा छाए रहने और शीत दिवस की स्थिति बने रहने की आशंका है।

गुरुवार को बक्सर जिले में पूरे दिन कोहरे की मोटी चादर बिछी रही। सुबह से लेकर शाम तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य मार्गों पर वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दिन में भी वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलाना पड़ा। रेल यातायात भी प्रभावित रहा और कई ट्रेनें देरी से चलीं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर सुबह-शाम आवाजाही कम रही। बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा पसरा रहा।
इधर, कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कक्षा 1 से 8 तक के सभी निजी विद्यालयों, प्री-स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पठन-पाठन पर 27 दिसंबर 2025 तक पूर्ण रोक लगा दी गई है। यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य पर ठंड के प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को देखते हुए लिया गया है।
जिला दंडाधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि सुबह और शाम के समय तापमान काफी कम हो रहा है, जिससे छोटे बच्चों को ठंड जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में अत्यधिक ठंड की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले 20 दिसंबर को जारी आदेश में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों में 25 दिसंबर तक अवकाश घोषित किया गया था। अब पूर्व आदेश में संशोधन कर अवकाश की अवधि 27 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है।
यह आदेश जिले के सभी निजी विद्यालयों, प्री-स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर लागू होगा। इस दौरान कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी, हालांकि विद्यालय प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था जैसे ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित कर सकते हैं।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। आम नागरिकों को भी शीतलहर से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी निर्णय लिए जाएंगे। इस आदेश से जिले के हजारों बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।


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