द जनमित्र डेस्क
राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओडेला गांव के एक निजी खनन क्षेत्र में शुक्रवार शाम को भीषण हादसा हो गया। खनन कार्य के दौरान अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा, जिससे करीब 50 हजार टन पत्थर और मलबा सीधे नीचे काम कर रही पोकलेन मशीन पर जा गिरा। मशीन सहित उसका ऑपरेटर लगभग 100 फीट गहरी पानी से भरी खाई में समा गया। हादसे के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बिहार के बक्सर जिले के युवक रामानंद तिवारी (25) का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

घटना शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर दौड़े। अंधेरा होने के कारण उस रात राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। शनिवार सुबह से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चला रही हैं, लेकिन मलबे और पानी की वजह से ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
लापता युवक की पहचान रामानंद तिवारी के रूप में हुई है, जो बक्सर जिले के निवासी थे। वे तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए राजस्थान में पोकलेन ऑपरेटर का काम कर रहे थे। उनके भाई सदानंद तिवारी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। परिवार में इस खबर से गहरा शोक छा गया है।
परिजनों और स्थानीय लोगों ने खनन संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह क्षेत्र प्रतिबंधित था और यहां अवैध खनन किया जा रहा था, जिसके कारण पहाड़ कमजोर हो गया और हादसा हुआ। हादसे के बाद खनन संचालक के फरार होने से मामला और गंभीर हो गया है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि खनन विभाग की रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बक्सर और अलवर में लोग अभी भी युवक की सुरक्षित बरामदगी की दुआएं मांग रहे हैं, हालांकि बीतते वक्त के साथ उम्मीदें लगातार कमजोर पड़ रही हैं।


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