द जनमित्र | शशि
जिले के रेलवे माल गोदाम तक पहुंचने वाली सड़क की जर्जर हालत ने स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों को लंबे समय से परेशान कर रखा है। रेलवे की ओर से जुलाई में दिए गए मरम्मत के आश्वासन के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है।

रेलवे अधिकारियों ने जुलाई में ही 450 मीटर लंबी इस सड़क की मरम्मत शुरू करने का वादा किया था। इस परियोजना पर 50 लाख रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान लगाया गया था, जो व्यापारियों और आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित होती। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है।
वर्तमान में सड़क की स्थिति बेहद खराब है। कीचड़ और गड्ढों से भरी यह सड़क बारिश के दिनों में किसी तालाब की तरह नजर आती है। इससे भारी वाहनों का गुजरना बेहद मुश्किल हो जाता है। रोजाना यहां सैकड़ों ट्रक खाद, सीमेंट और अन्य सामग्री लोड करने आते हैं। इसके अलावा, इटाढ़ी रोड पर स्थित कई निजी स्कूलों की बड़ी बसें भी इसी रास्ते से गुजरती हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
कुछ दिन पहले जिले में आए डीआरएम बिनोद कुमार ने भी सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए रेलवे अधिकारियों को चेतावनी दी थी। उन्होंने किसी अनहोनी घटना की संभावना जताते हुए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, रेलवे की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
व्यापारियों और वाहन मालिकों का कहना है कि सड़क की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वाहनों में खराबी आना आम बात हो गई है। समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने एक नया तरीका अपनाने की बात कही थी, जिसमें सड़क के बेस में पत्थर की धूल के साथ बेकार पड़े रेलवे स्लीपरों का उपयोग किया जाना था। ये स्लीपर मजबूत होते हैं और सड़क को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में मदद करेंगे।
रेलवे अधिकारियों का दावा था कि यह तरीका न केवल लागत को कम करेगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होगा, क्योंकि अनुपयोगी सामग्री का पुन: उपयोग किया जाएगा। दिलदारनगर से इन स्लीपरों को लाने की तैयारी भी शुरू होने का हवाला दिया गया था, लेकिन अब तक परियोजना जमीन पर नहीं उतर सकी है।
स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों ने रेलवे प्रशासन से अपील की है कि सड़क की मरम्मत का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। रेलवे की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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