द जनमित्र | शशि
बक्सर जिले के डिहरी गांव में सोमवार की दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। कर्मनाशा नदी की उफनती धार ने 18 वर्षीय उमेश राम को अपने आगोश में ले लिया। उमेश, जो अपने पिता रामाश्रय राम के साथ पशुपालन में हाथ बंटाता था, उस दिन भैंसें चराने नदी किनारे गया था। लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।






गांव वालों के मुताबिक, उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए उमेश ने नदी में नहाने का फैसला किया। पहाड़ों पर हुई बारिश ने नदी को उग्र बना दिया था। तेज धार में उमेश संभल न सका और पानी की लहरों में समा गया। पास में मौजूद चरवाहों ने शोर मचाया, मगर तब तक वह लापता हो चुका था। यह दृश्य देख हर कोई सन्न रह गया।
खबर मिलते ही उमेश के परिजन और ग्राम मुखिया कल्लू मियां मौके पर पहुंचे। मुखिया ने तुरंत चौसा अंचलाधिकारी और राजपुर थाना को सूचना दी। लेकिन, परिजनों का गुस्सा तब भड़का जब एक घंटे तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठा। ग्रामीणों में नाराजगी पनपने लगी। बाद में, चौसा के CO प्रभारी उद्धव मिश्रा ने SDRF को सूचित किया, और राजपुर थानाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश की अगुवाई में पुलिस ने खोजबीन शुरू की। गोताखोरों और आपदा राहत टीम को बुलाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
उमेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता और भाई मजदूरी करते हैं, जबकि वह घर संभालता और पशुपालन में मदद करता था। उसकी हंसी और मेहनत गांव में सबके लिए अनमोल थी। हादसे ने पूरे डिहरी गांव को स्तब्ध कर दिया। आस-पास के लोग भी चिंता में डूबे हैं।
थानाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश ने बताया कि पुलिस और स्थानीय लोग मिलकर नदी में तलाश कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है। लेकिन, उमेश के परिजनों की बेचैनी और गांव का सन्नाटा बयां करता है कि यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं, पूरे गांव का दर्द है। नदी की गहराइयों में उमेश की तलाश जारी है।


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