द जनमित्र | शशि
बक्सर में एक नई पहल के तहत स्थायी लोक अदालत की स्थापना की गई है, जिसके अध्यक्ष के रूप में प्रवीण कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है। उनके साथ माधव राय और सुनील कुमार सिन्हा सदस्य के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे। यह अदालत खास तौर पर जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए बनाई गई है, जैसे कि हवाई, सड़क या जलमार्ग से परिवहन, डाक, टेलीफोन, बिजली, पानी, स्वच्छता, अस्पताल, डिस्पेंसरी और बीमा सेवाएं। इसके अलावा, सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य जनहित सेवाएं भी इसके दायरे में शामिल हो सकती हैं।










इस अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मुकदमे से पहले समझौते का एक अनिवार्य रास्ता प्रदान करती है। इसका मकसद है कि विवाद अदालत तक पहुंचने से पहले ही सुलझ जाए। अगर पक्षकार आपसी सहमति तक नहीं पहुंच पाते, तो यह अदालत गैर-आपराधिक मामलों में अंतिम फैसला सुनाने का अधिकार रखती है। इसका निर्णय अंतिम और सभी के लिए बाध्यकारी होता है।
यहां की कार्यवाही पारंपरिक अदालतों से अलग, अधिक लचीली और तेज होती है। विवाद की प्रकृति, पक्षों की इच्छाओं और त्वरित न्याय के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए मौखिक बयानों और सरल प्रक्रिया के जरिए काम होता है। इससे न केवल आम लोगों को अपनी शिकायतों का जल्द समाधान मिलता है, बल्कि अदालतों पर मुकदमों का बोझ भी घटता है।
बक्सर में इस स्थायी लोक अदालत के गठन से स्थानीय लोगों को अब जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का समाधान आसान, तेज और किफायती तरीके से मिलेगा। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22-बी के तहत स्थापित यह अदालत एक अध्यक्ष और दो सदस्यों की स्थायी व्यवस्था के साथ आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।


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