राजनीति

‘आप’ की केजरीवाल जनसंपर्क यात्रा

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द जनमित्र | शशि

बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। दिल्ली और पंजाब में अपनी नीतियों का लोहा मनवाने वाली ‘आप’ अब बिहार में ‘केजरीवाल मॉडल’ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कमर कस चुकी है। इसके लिए पार्टी ने ‘केजरीवाल जनसंपर्क यात्रा’ शुरू की है, जो बिहार के कोने-कोने में लोगों से सीधा संवाद कर रही है। हाल ही में बक्सर में प्रदेश अध्यक्ष राकेश यादव के नेतृत्व में यह यात्रा निकाली गई, जो बक्सर गोलंबर से शुरू होकर पिपरपाती रोड होते हुए स्टेशन रोड पर महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंची। रास्ते में नुक्कड़ सभाओं के जरिए जनता से रूबरू होकर पार्टी ने अपने विजन को साझा किया।

इस यात्रा की शुरुआत 2 अप्रैल को बेगूसराय के गढ़पुरा स्थित नमक सत्याग्रह स्थल से हुई थी। पहले चरण में यह यात्रा समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, गांधी आश्रम, चितरंजन और पश्चिम चंपारण तक पहुंची, जहां इसे जबरदस्त समर्थन मिला। अब दूसरे चरण में बक्सर में यह यात्रा नए जोश के साथ आगे बढ़ रही है। राकेश यादव के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद बिहार की जनता को ‘केजरीवाल मॉडल’ से रूबरू कराना है, जिसने दिल्ली और पंजाब में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। सरकारी स्कूलों का कायाकल्प, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, निर्बाध बिजली-पानी और रोजगार के अवसर इस मॉडल की खासियत हैं, जिन्हें बिहार में लागू करने की योजना है।

बिहार में पलायन एक ज्वलंत मुद्दा है। रोजगार की कमी के चलते लाखों लोग अपने परिवारों को छोड़कर दिल्ली, पंजाब जैसे राज्यों में मजदूरी के लिए मजबूर हैं। ‘आप’ का दावा है कि वह बिहार में नई नौकरियां पैदा करेगी, ताकि लोग अपने घर-परिवार के साथ यहीं रह सकें। जिलाध्यक्ष रमेश वर्मा ने बताया कि यह यात्रा 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि ईमानदारी और विकास की राजनीति ही बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। अपने इन्हीं दावों के सहारे पार्टी बिहार में बदलाव की नई इबारत लिखने का वादा भी कर रही है।

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