जलमार्ग से लाई जा रही पंद्रह पेटी शराब जब्त, हथियार-कारतूस के साथ तस्कर गिरफ्तार. औद्योगिक थाना क्षेत्र के सारीमपुर घाट के समीप से हुई गिरफ्तारी गंगा पुल पर हो रही थी जांच तो जलमार्ग को बनाया तस्करी का रास्ता, गंगा नदी बनी शराब माफियाओ के लिए वरदान
द जनमित्र | डेस्क
बक्सरः शराबबंदी वाले प्रदेश में दिन के उजाले में शराब माफिया हथियार के बल पर धड़ल्ले से शराब का कारोबार कर रहे है जिसे रोकना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे ही दो तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जिनके पास से हथियार भी बरामद हुआ है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने 15 पेटी शराब तथा देशी कट्टा और कारतूस के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. दोनों काफी दिनों से शराब की तस्करी में लगे हुए थे जिसकी सूचना पुलिस को मिलते ही पुलिस ने छापेमारी कर उन्हें धर दबोचा. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया. थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में एक नाव भी जब्त की गई है, जिसे शराब तस्करी में इस्तेमाल किया जाता था.


गंगा नदी बनी शराब माफियाओ के लिए वरदान
जिले में गंगा नदी शराब माफियाओ के लिए वरदान साबित हो रही है. जिले के चौसा प्रखंड से लेकर बक्सर, सिमरी, चक्की , ब्रह्मपुर प्रखंड के गंगा नदी से लगे सैकड़ों गांव में शराब तस्कर यूपी से नदी मार्ग से शराब की बड़ी-बड़ी खेप लाकर दिन के उजाले में स्टॉक करते हैं और रात के अंधेरा होते ही उसे अलग-अलग इलाकों में सप्लाई कर देते हैं.


क्या कहते है अधिकारी
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गंगा नदी के रास्ते शराब तस्कर लगातार शराब की बड़ी-बड़ी खेप लेकर जिले के सीमा में प्रवेश कर रहे हैं. गुप्त सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के निर्देश पर बनाई गई विशेष टीम ने गंगा घाट की निगरानी शुरु की और यूपी से शराब लेकर चले आ रहे तस्करों को नाव समेत मौके पर ही धर-दबोचा उनके पास से 11 पेटी विदेशी तथा 4 पेटी देशी शराब बरामद हुई है. थानाध्यक्ष ने बताया कि उनके पास से एक देसी पिस्तौल तथा जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है. पकड़े गए शराब तस्करों की पहचान सिमरी थाना क्षेत्र के मंझरिया गांव निवासी राधेश्याम यादव के पुत्र चंदन कुमार तथा सिमरी थाना क्षेत्र के ही खैरा पट्टी गांव निवासी सिपाही मल्लाह के पुत्र श्याम बिहारी के रूप में हुई है. दोनों की उम्र क्रमशः 25 एवं 46 वर्ष है. उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह कुछ दिनों से शराब तस्करी का कारोबार कर रहे थे.


गौरतलब है कि शराबबंदी वाले प्रदेश में शराब के साथ ही साथ अन्य मादक पदार्थों की तस्करी धड़ल्ले से जारी हैं जिसे रोकना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. आलम यह है कि शराब तस्करों की एक टीम पहले से ही थाना के इर्द-गिर्द मुस्तैद रहती है जो थाने से गाड़ी निकलने की सूचना अपने अन्य सहयोगियों को देते है और वे अलर्ट हो जाते है.

Comment here