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डोसा के साथ सांभर नहीं देने पर रेस्टोरेंट पर लगा जुर्माना

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मसाला डोसा के साथ सांभर नही देना शहर के मशहूर नमक रेस्टुरेंट को पड़ा भारी, परिवाद पत्र पर सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने रेस्टुरेंट पर लगाया 3500 का जुर्माना, 45 दिनों के अंदर करना होगा भुगतना विलम्ब करने पर निर्धारित राशि के 8 प्रतिशत व्याज के साथ करना होगा भुगतान

द जनमित्र | डेस्क

बक्सर : जिला उपभोक्ता आयोग ने शहर के प्रसिद्ध नमक रेस्टुरेंट पर डोसा के साथ सांभर नही देने के परिवाद पत्र पर सुनवाई के बाद 3500 का जुर्माना लगाया है। जिसके बाद पूरे जिले में चर्चा का बिषय बना हुआ है. नगर थाना क्षेत्र के बंग्ला घाट के रहने वाले उपभोक्ता मनीष पाठक ने आयोग में परिवाद पत्र दाखिल कर न्याय के लिए गुहार लगाया था. ग्यारह महीने बाद आये इस फैसले ने सबको हैरान कर दिया है.

15 अगस्त 2022 का है मामला

मिली जानकारी के अनुसार शहर के बंग्ला घाट के रहने वाले उपभोक्ता मनीष पाठक ने परिवाद पत्र के माध्यम से न्यायालय को यह बताया था कि, घर में एक समारोह के दौरान 15 अगस्त 2022 को नगर थाना क्षेत्र के नमक गोला में स्थित नमक रेस्टुरेंट से 140 रुपये का भुगतान कर स्पेशल मसाला डोसा का ऑर्डर किया था. जब पार्सल दिया और उसे घर पर खोलकर देखा तो उसमें सांभर नही था. जिसके कारण माँ पिता जी के साथ ही अतिथियों के सामने उन्हें शर्मिंदा होना पड़ा.

रेस्टुरेंट के मालिक ने नोटिस का नही दिया जवाब दाखिल की परिवाद पत्र.

मसाला डोसा के साथ रेस्टुरेंट संचालक के द्वारा साम्भर नही देने पर उपभोक्ता मनीष पाठक ने रेस्टुरेंट के संचालक को एक वकालतन नोटिस भेजवाया जिसका जवाब रेस्टुरेंट के प्रबंधक ने नही दिया. जिसके बाद अपने उपभोक्ता अधिकारों के सुरक्षा के लिए, परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पत्र दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी.

ग्यारह महीने बाद आया फैसला

परिवादी के परिवाद पत्र पर सुनवाई के दौरान रेस्टुरेंट की सेवा में त्रुटि पाई गई, जिसके बाद आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह, एवं सदस्य वरुण कुमार की खंडपीठ ने परिवादी को हुए मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक कष्ट के लिए, दो हजार का जुर्माना साथ ही वाद खर्च के रूप में अलग से पन्द्रह सौ रुपये का जुर्माना लगाते हुए 45 दिनों के अंदर रेस्टुरेंट प्रबंधक को कुल 3500 रुपये जुर्माना के तौर पर भुगतान करने का निर्देश दिया. निर्धारित समय अवधि में यदि रेस्टुरेंट प्रबंधक के द्वारा इस राशि को भुगतान नही किया गया तो 8 प्रतिशत व्याज के साथ इस राशि को भुगतान करना होगा.


क्या कहते है उपभोक्ता

उपभोक्ता सह बक्सर व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता मनीष पाठक ने बताया कि 15 अगस्त 2022 को मेरा जन्म दिन के साथ ही गणेश चतुर्थी का दिन था. मेरी माँ व्रत की हुई थी उसे परेशानी न हो जिसको लेकर रात्रि 9 बजे हम नमक रेस्टुरेंट में गए स्पेशल मसाला डोसा का ऑर्डर किया. रेस्टुरेंट कर्मी के द्वारा 140 रुपये की डिमांड की गई जिसके बाद मैं पार्सल लेकर घर आ गया. जब पार्सल खोला तो उसमें साम्भर नही था. जिसे देख माँ पिता जी के साथ जन्म दिन पर आए अतिथि हसने लगे. सुबह जब रेस्टुरेंट में जाकर शिकायत की तो वह इग्नोर करते हुए कहने लगे कि 140 रुपये में रेस्टुरेंट खरीदोगे तो ये बात मेरे मन को घर कर गई, एक अधिवक्ता होने के नाते हमने कानून का सहारा लेते हुए आयोग में परिवाद पत्र दाखिल किया. सुनवाई के दौरान रेस्टुरेंट की सेवा में त्रुटि पाते हुए आयोग ने यह फैसला सुनाया है.

गौरतलब है कि जिला उपभोक्ता आयोग के आये इस फैसले के बाद जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है. स्थानीय लोगो की माने तो उपभोक्ता मनीष पाठक ने अन्य पीड़ित लोगों के लिए न्याय पाने का रास्ता दिखा दिया है. जिसकी जानकारी अधिकांश लोगों को नही थी.

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