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आशा कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन

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द जनमित्र डेस्क

बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ के बैनर तले सोमवार को बक्सर जिले में सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों ने अपनी पुरानी मांगों के समाधान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। नगर भवन से निकलकर नारेबाजी करते हुए यह मार्च जिला मुख्यालय पहुंचा, जहां जिला प्रशासन के जरिए राज्य सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

प्रदर्शन की अगुवाई संघ के जिला संयोजक एवं राज्य उपाध्यक्ष अरुण कुमार ओझा, डैजी देवी, सरस्वती कुमारी, मंजू देवी और शीला देवी ने की। हाथों में पोस्टर और बैनर थामे महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार के खिलाफ तेज नारेबाजी की। समाहरणालय परिसर में देर तक आंदोलन का माहौल छाया रहा।

सभा को संबोधित करते हुए अरुण कुमार ओझा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लगभग सभी लोक कल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने में आशा दीदियों की भूमिका सबसे अहम होती है। टीकाकरण अभियान, मां-बच्चे की देखभाल, परिवार नियोजन, स्वास्थ्य सर्वे और सरकारी कार्यक्रमों को सफल बनाने में ये कार्यकर्ता दिन-रात लगी रहती हैं।

फिर भी इन्हें समय पर सम्मानजनक मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाती। ओझा ने आरोप लगाया कि मोबाइल रिचार्ज भत्ता, साड़ी भत्ता समेत कई सुविधाओं में बार-बार कटौती की जा रही है, जिससे कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी फैल गई है।

संघ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक को अलग-अलग ज्ञापन भेजकर अपनी मांगें रखी हैं। इनमें संसद में घोषित बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि का बकाया सहित भुगतान, न्यूनतम मजदूरी लागू करना, सामाजिक सुरक्षा कवर, पेंशन व्यवस्था, स्वास्थ्य पर जीडीपी का छह प्रतिशत खर्च सुनिश्चित करना, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, मोबाइल और पोशाक भत्ता बढ़ाने, बंद आईडी कार्डों को दोबारा सक्रिय करने और आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की प्रमुख मांगें शामिल हैं।

प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन, रिटायरमेंट पर 10 लाख रुपये का एकमुश्त लाभ और 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग भी दोहराई। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द इन मुद्दों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।

इस मौके पर प्रमिला कुमारी, शैल कुमारी, कंचन कुमारी, विमला कुमारी सहित जिले की सैकड़ों आशा कार्यकर्ताएं और फैसिलिटेटर मौजूद रहीं। पेंशनर एसोसिएशन के परमहंस सिंह, हरे राम सिंह और कन्हैया सिंह ने भी प्रदर्शन को समर्थन देते हुए आशा दीदियों की मांगों को पूरी तरह न्यायसंगत बताया।

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