द जनमित्र डेस्क
बिहार के बक्सर जिले में नगर थाना एक बार फिर अपनी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए सुर्खियों में आ गया है। नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोपी फरहान, जो पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया गया था, थाना हाजत से चकमा देकर फरार हो गया। यह घटना पुलिस की निगरानी और अभिरक्षा में हुई, जिसने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले की जानकारी के अनुसार, बक्सर नगर थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर लुधियाना ले जाने की शिकायत दर्ज हुई थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अंततः परिजनों ने खुद आरोपी का पता लगाया और अपने खर्च पर नगर थाना टीम को पंजाब ले जाकर लड़की को बरामद कराया। आरोपी फरहान (निवासी खलासी मोहल्ला, बक्सर) को गिरफ्तार किया गया। रविवार देर रात पुलिस टीम आरोपी को बक्सर लाई और थाने में रखा।
सोमवार सुबह करीब 8 बजे आरोपी ने शौच का बहाना बनाकर थाना परिसर के शौचालय में प्रवेश किया। वहां से उसने कमजोर खिड़की तोड़कर फरार हो गया। इस चूक ने थाने की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामी उजागर कर दी।
आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही पीड़ित परिजन आक्रोशित हो गए और नगर थाने के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने फरार आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी तथा जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना नगर थाने के लिए नई नहीं है। थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह के कार्यकाल में यह तीसरी बार है जब हाजत से कोई आरोपी फरार हुआ है। इससे पहले 5 जून को कुर्बान अंसारी ने पुलिस को चकमा देकर भागने के बाद एक महीने बाद 8 जुलाई को दोबारा गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह मोटरसाइकिल चोरी के एक अन्य आरोपी ने भी शौचालय जाने के बहाने हाजत से फरार होकर पुलिस को चुनौती दी थी। इन मामलों की जांच अभी लंबित है और अब तक किसी पुलिसकर्मी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस फिलहाल छापेमारी कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार लापरवाही की जिम्मेदारी तय होगी या मामला फिर कागजों में दब जाएगा।


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